कानपुर के भीतरगांव विकास खंड के बरूई-अकबरपुर गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुखार पीड़ितों के भेजे गए रक्त सैंपल की जांच में चार मरीजों में डेंगू बुखार होने की पुष्टि हुई है।
और फिर डेंगू मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग गांव में नए सिरे से बुखार मरीजों की स्कैनिंग करेगा। भीतरगांव सीएचसी को अलर्ट पर भी रखा गया है।
इसके साथ ही वायरल संक्रमण मस्तिष्क की झिल्ली में सूजन पैदा कर दे रहा है। 12 घंटे के अंदर हैलट इमरजेंसी में 35 रोगी भर्ती हुए हैं।
और इनमें नौ रोगी दिमागी बुखार के हैं। इन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया। फिर ये रोगी शिवराजपुर, बिल्हौर, घाटमपुर आदि क्षेत्रों के हैं।
साथ ही माइक्रोबायोलॉजी विभाग की रिपोर्ट में 10 और रोगियों को डेंगू की पुष्टि भी हुई है। इनमें चार रोगी अस्पताल में भर्ती हैं, बाकी रोगियों की जांच के लिए ओपीडी स्तर से सैंपल भी भेजे गए थे।
इसके अलावा यह दो दिन में भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट है। दिमागी बुखार के अलावा इमरजेंसी में लिवर, गुर्दे फेल के रोगियों को भर्ती भी किया गया है।
दिमागी बुखार के रोगियों का इलाज कर रहे मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. विशाल कुमार गुप्ता ने ये भी बताया कि रोगियों को वायरल मेनिनजाइटिस हुई है।
और फिर संक्रमण से मस्तिष्क की झिल्ली में सूजन आ गई। हरपीज, इंट्रो, आरबो वायरस के संक्रमण से दिमागी बुखार भी हो सकता है।
साथ ही विशेषज्ञों ने बताया कि बुखार के अलावा अस्थमा और सीओपीडी अटैक के रोगी अस्पताल में आ रहे हैं। और फिर ठंड और प्रदूषण बढ़ने से सांस की एलर्जी के रोगी भी लगातार बढ़ गए हैं।