सर्दी बढ़ने लगी है, शहरी क्षेत्र के सभी स्थाई एवं अस्थाई रैन बसेरों को कराकर तत्काल क्रियाशील करें।
फिर बेड, गद्दे, कंबल, पेयजल, स्वच्छ शौचालय एवं प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था के साथ महिलाओं और पुरुषों के के ठहरने के लिए अलग-अलग जगह भी होनी चाहिए।
ये निर्देश मंगलवार को जजिलाधिकारी विशाख जी ने शीतलहर से बचाव की तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को मुख्य रूप से दिए।
और फिर कलक्ट्रेट में हुई बैठक में पीओ डूडा ने बताया कि डूडा के 8 रैन बसेरे संचालित हैं। फिर नगर निगम के 25 स्थाई और 40 अस्थाई रैन बसेरे प्रस्तावित हैं।
और फिर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि अस्थाई रैन बसेरों की स्थापना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने सभी रैन बसेरे तैयार करके प्रत्येक स्थल पर केयरटेकर का नाम व मोबाइल नंबरों वाले साइनेज प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
और फिर सभी उप जिलाधिकारियों को ईओ नगर पंचायतों के साथ समन्वय स्थापित कर रैन बसेरों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
फिर मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को शीतलहर से गोवंश की सुरक्षा, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित गो आश्रय स्थलों में “काऊ कोट”, अलाव, तथा शेड के चारों ओर तिरपाल लगाकर संरक्षण के भी मुख्य निर्देश दिए।
साथ ही जिलाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों में स्थापित रैन बसेरों की समीक्षा की। फिर उन्होंने कहा।
कि प्रत्येक सीएमएस यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल परिसर में स्थापित रैन बसेरों में पर्याप्त संख्या में कंबल, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय एवं प्रकाश व्यवस्था भी उपलब्ध हो।
रात्रि के समय वालेंटियर्स की तैनाती भी की जाए और अस्पताल परिसरों में तीमारदारों को रैन बसेरों तक पहुंचाया भी जा सके।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने कहा कि बस अड्डों एवं प्रमुख यातायात स्थलों पर यात्रियों की सुविधा के लिए स्थापित रैन बसेरों की लोकेशन के साइनेज, पीए सिस्टम एवं ठहरने की व्यवस्था को भी सुनिश्चित कराई जाए।
फिर इसके लिए अपर जिलाधिकारी को आरएम रोडवेज को निर्देश जारी करने को भी निर्देशित किया।