Kanpur News : डिजिटल अरेस्ट का फ़ैला सनसनीखेज केस, सुप्रीम कोर्ट में हुई ऑनलाइन सुनवाई

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आज के दौर में आए दिन किसी न किसी को ठग अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बर्रा थानाक्षेत्र में सामने आया।

जिसमें 11 दिन तक सेवानिवृत्त इंजीनियर और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट रखकर साइबर ठगों ने 42.50 लाख रुपये हड़प लिए।

और फिर ठगों ने सीबीआइ अधिकारी बनकर उन्हें जेट एयरलाइंस के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े मनी लान्ड्रिंग मामले में फंसाकर शिकार भी बनाया।

और फिर आनलाइन सुप्रीम कोर्ट में उनकी सुनवाई भी करवाई। बेटे के शक होने पर पूरे मामले का राजफाश हुआ। इसके बाद पुलिस और साइबर सेल में शिकायत भी की।

इसके साथ ही बर्रा थानाक्षेत्र के जूही कलां डब्ल्यू टू स्थित शिवम इन्क्लेव में रहने वाले राजेंद्र प्रसाद सिंह पावर ग्रिड कारपोरेशन से जूनियर इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हैं।

और फिर बेटी की शादी कर चुके हैं और इंजीनियर बेटा नोएडा में नौकरी करता है। वह पत्नी के साथ अपार्टमेंट में रहते हैं।

इसके साथ ही राजेंद्र प्रसाद के मुताबिक सात अगस्त को एक अज्ञात नंबर से उन्हें वाट्सएप पर वीडिया काल आया।

काल करने वाले ने स्वयं को सीबीआई में तैनात आईपीएस अधिकारी भी बताया।और फिर वह वर्दी पहनकर बैठा था, इसलिए विश्वास कर लिया।

इसके अलावा उसने दावा कि उनके आधार कार्ड से मुंबई के केनरा बैंक में फर्जी अकाउंट खोला गया है, जिसका इस्तेमाल नरेश गोयल के मनी लान्ड्रिंग में हुआ है।

ये भी बताया कि इस मामले में उनके अलावा 238 लोग और शामिल हैं। इसके बाद से ठगों ने उन्हें लगातार वीडियो काल पर रखकर किसी से बात करने से मना कर दिया।

ये भी कहा कि जांच के दौरान उनकी सभी जमा रकम आरबीआइ के बताए हुए खातों में ट्रांसफर करनी होगी।

जांच में उनके सही पाए जाने पर 72 घंटे में उनकी रकम खाते में वापस भी कर दी जाएगी।

इसके साथ ही कार्रवाई के डर से उन्होंने ठग के बताए हुए अलग-अलग खातों में 11 से 21 अगस्त के बीच पांच बार में कुल 42.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

और फिर इसमें 24 लाख की रकम मुंबई की एक कंपनी के खाते में ट्रांसफर कराए गए। और बाकी रकम बचत खातों में आरटीजीएस कराए।

ठग ने मुंबई आकर बयान दर्ज कराने को कहा तो उन्होंने पारिवारिक समस्या का हवाला देकर इन्कार कर दिया।

और फिर इस पर उन्हें विश्वास दिलाने के लिए 18 अगस्त को ठगों ने आनलाइन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी कराई।

और फिर इसमें जज के पूछे गए सवालों का उन्होंने वीडियो काल पर ही जवाब दिया। इसके बाद उसने कहा कि उनकी राशि जांच में सही पाई गई है।

और फिर इस पर उन्हाेंने उनकी रकम वापस करवाने को कहा तो 26 अगस्त को वकील की फीस के नाम पर एक लाख रुपये की और मांग कर दी।

उन्हाेंने रुपये देने में असमर्थता जताई तो कहा कि फिर रकम ट्रांसफर होने पर समय लग जाएगा।

फिर इसी बीच नोएडा में नौकरी कर रहे बेटे नितिन को उनकी उलझन का अहसास भी हो गया। और फिर उसने मां से बात की वह रो पड़ी।

फिर इसके बाद बेटा घर पहुंचा तो भी ठगों ने उन्हें डिजिटल अस्टेट कर रखा था। फिर इसके बाद बेटे ने उन्हें ठगी होने का अहसास भी दिलाया।

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