मध्य यूरोप के देश ऑस्ट्रिया ने अब स्कूलों में हिजाब के लिए सख़्त पाबंदी लगाने वाला एक क़ानून भी पास किया है।
और फिर यहां दक्षिणपंथी पार्टी की अगुवाई में गठबंधन सरकार है और इसमें तीन मध्यमार्गी पार्टियां भी शामिल हैं।
इसके साथ ही सरकार का कहना है कि यह क़ानून “जेंडर इक्वैलिटी के लिए एक स्पष्ट प्रतिबद्धता” है।
लेकिन आलोचकों का ये भी कहना है कि इससे देश में मुस्लिम विरोधी भावना बढ़ेगी और यह असंवैधानिक भी हो सकता है।
फिर यह प्रावधान सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों में ही लागू होगा। और फिर साल 2020 में, 10 साल से कम उम्र की लड़कियों के लिए लगाए गए इसी तरह के हिजाब बैन को संवैधानिक अदालत ने रद्द भी कर दिया था।
और फिर इतना ही नहीं नए क़ानून के तहत अगर कोई छात्रा इस बैन का उल्लंघन करती है, तो उसे स्कूल अधिकारियों और उसके कानूनी अभिभावकों के साथ कई बैठकों से गुजरना भी होगा।
और फिर बार-बार उल्लंघन होने पर चाइल्ड और यूथ वेलफ़ेयर एजेंसी को सूचित करना अनिवार्य भी होगा।

