ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अब बोंडी बीच हमले के बाद गन बायबैक योजना की घोषणा की है।
और फिर बीते हफ़्ते हुआ यह हमला कई दशकों में वहां हुई गोलीबारी की सबसे घातक घटना भी मानी जा रही है।
इसके साथ ही यह योजना 1996 के ‘पोर्ट आर्थर मास शूटिंग’ के बाद से अब तक की सबसे बड़ी योजना है। और फिर पोर्ट आर्थर हमले में 35 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया के सबसे सख़्त बंदूक नियंत्रण क़ानून भी लागू किए थे।
और फिर रविवार को बोंडी बीच पर आयोजित एक यहूदी उत्सव के दौरान दो बंदूकधारियों ने फ़ायरिंग की, जिसमें 15 लोगों की मौत भी हो गई और दर्जनों लोग घायल भी हो गए।
हालाँकि अब ये माना जा रहा है कि हमलावर “चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट की विचारधारा” से प्रेरित थे।
और फिर इस बीच, शुक्रवार को पुलिस ने यह भी कहा कि सिडनी में ‘चरमपंथी इस्लामिक विचारधारा’ के आरोप में गिरफ़्तार किए गए कुछ लोगों को हिरासत में रखने की अब कोई भी ज़रूरत नहीं है।