कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र स्थित जरौली फेज वन स्थित मान्यवर कांशीराम कालोनी की एक छत गुरुवार रात तब हड़कंप मच गया।
जब एक नवजात बच्चे की रोने की आवाज लोगों के कानों में पहुंची। फिर इसके बाद तलाश हुई ,तो वह एक छत पर झोले के अंदर कपड़े में लिपटा पड़ा था।
और फिर इस मामले की सूचना डायल 112 पर पुलिस को दी गई। वहीं, इंटरनेट मीडिया पर मां द्वारा नवजात को फेंकने की बात भी प्रचलित हुई।
साथ ही कालोनी की महिलाओं ने मानवता और इंसानियत का फर्ज निभाकर उसे गुनगुना दुध पिलाया, साथ ही आग से सेंककर गर्माहट दी।
और फिर जिससे मासूम की जान बच सकी। वहीं, पुलिस ने उसी आवंटी के पास नवजात को देखभाल के लिए सौंप दिया है।
इसके साथ ही बर्रा थाना प्रभारी रवींद्र श्रीवास्तव के अनुसार कि सूचना पर पहुंची पुलिस को बबलू भदौरिया के मकान की छत पर लावारिस हालत में झोले में मिलने की जानकारी मिली, जिसे कोई छोड़ गया था।
और फिर वहां की महिलाओं अमिता सिंह, निशा किरण आदि ने ठंड से कांप रहे नवजात को गुनगुना दूघ पिलाया।
और फिर इसके साथ उसे अंगीठी आदि की मदद से सेंक कर गर्माहट दी। इसके बाद उसे बबलू भदौरिया, संदीप आदि ने ले जाकर विवेकानंद नगर साई राम हॉस्पिटल में भर्ती भी कराया गया।
ये भी बताया कि डॉक्टरों का कहना था कि नवजात को सही समय पर अस्पताल लाया गया, जिससे उसकी जान बच सकी।
और फिर वहीं, फिलहाल नवजात को बबलू भदौरिया के पास देखभाल के लिए सौंप दिया गया है।
साथ ही ये भी बताया कि मामले में नवजात के वहां रखने की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद कार्रवाई भी होगी।