कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने ये भी कहा है कि मनरेगा योजना का ख़त्म होना हमारी सामूहिक नैतिक विफलता भी साबित है।
और फिर विकसित भारत- गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन बिल के क़ानून बनने के बाद सोनिया गांधी ने ‘द हिंदू’ में लिखे अपने एक लेख में ये कहा है।
और फिर आगे उन्होंने कहा, मनरेगा ने महात्मा गांधी के सर्वोदय यानी ‘सबके कल्याण’ के विचार को साकार भी किया और कार्य के संवैधानिक अधिकार को लागू भी किया गया है।
इसके साथ ही सीपीपी चेयरपर्सन ने ये भी कहा, मनरेगा का ख़त्म होना हमारी सामूहिक नैतिक विफलता है।
और फिर इसका आर्थिक और मानवीय असर आने वाले सालों में देश के करोड़ों मेहनतकश लोगों पर असर पड़ेगा।
और फिर आगे उन्होंने कहा, अब पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है कि हम एकजुट हों और उन अधिकारों की रक्षा भी करें, जो हम सभी को सुरक्षा देते हैं।
और फिर केंद्र सरकार ने बीते हफ़्ते मनरेगा की जगह ‘वीबी- जी राम जी’ बिल संसद में पेश भी किया गया।
और फिर यह बिल दोनों सदनों से पास भी हो चुका है। और फिर रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हस्ताक्षर के बाद अब यह क़ानून भी बन चुका है।