दो बार काटने वाले कुत्तों को नगर निगम पकड़कर किशनपुर में स्थित शेल्टर होम में अब आजीवन रखेगा और खाने की व्यवस्था भी करेगा।
फिर इसके अलावा पागल कुत्तों को रखने की भी व्यवस्था की गयी है। और फिर वर्तमान में किशनपुर स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में वर्तमान समय में तीन कुत्ते बंद भी है।
और फिर विकास नगर में मालकिन को मारने वाले कुत्ते और दो आवारा कुत्तों को रखे गए है।
इसके साथ ही नगर निगम ने पागल और कटखने कुत्तों को रखने के लिए नगर निगम ने सबसे पहले 50 कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाया है।
और फिर शहर में करीब सवा लाख कुत्ते है।फिर इसमें नगर निगम अभी तक 35 हजार कुत्तों का बंध्याकरण कर चुका है।
और फिर पिछले साल 32 हजार लोगों को काटा है इस साल अभी इस बाबत नगर निगम के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा आरके निरंजन ने ये भी बताया कि पागल व कटखने कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर होम बनाया गया है।
फिर इसमें 50 कुत्तों को रखा जा सकता है। और फिर आगे उन्होंने बताया कि एक कुत्ता दोबार काटता है और लोग वैक्सीन लगाने का पर्चा दिखाता है तो उसको पकड़कर शेल्टर होम में रखा जाएगा।
फिर एक बार कुत्ता काटता है तो उसका बंध्याकरण करके 10 दिन रखा जाएगा। साथ ही रैबीज व पागल नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत पकड़े गए स्थान पर छोड़ दिया जाएगा।
और फिर साथ ही कोई कुत्ता गोद लेना चाहता है तो उसको हलफनामा देना होगा कि वह कुत्ते का रखरखाव आजीवन करेगा।
इसके अलावा मुख्य सचिव एसपी गोयल ने आदेश किया है कि सरकारी और निजी अस्पताल को कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए छह फीट ऊंची बाउंड्रीवाल बनानी होगी।
और फिर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि साथ ही एक मजबूत गेट लगाना होगा। फिर इसके अलावा सुरक्षा गार्ड तैनात किया जाएगा। एक नोडल अफसर की जिम्मेदारी होगी कि कुत्ता प्रवेश भी न करे।