राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने राज्य के निकाय चुनावों में मिली हार की शिकस्त को स्वीकार कर लिया हैं।
और फिर उन्होंने कहा कि जनता की इच्छा सर्वोपरि है और हम उसे पूरे सम्मान के साथ ही इसको स्वीकार करते हैं।
इसके साथ ही अजित पवार की एनसीपी राज्य स्तर पर बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन का हिस्सा है।
लेकिन निकाय चुनावों में एनसीपी ने गठबंधन से अलग होकर चुनाव भी लड़ा था और उसे हार भी मिली।
और फिर पुणे और पिंपरी-चिंचवड में अजित पवार की एनसीपी और शरद पवार की एनसीपी ने साथ मिलकर ही चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें वहां भी महायुति के हाथों हार भी झेलनी पड़ी।
इसके अलावा निकाय चुनावों में मिली हार पर अजित पवार ने ये भी कहा कि भले ही उनकी पार्टी को उम्मीद के मुताबिक़ सफलता नहीं मिले।
लेकिन वे और उनकी पार्टी अधिक ज़िम्मेदारी, ईमानदारी और दोगुने उत्साह के साथ काम भी करते रहेंगे।
और फिर अजित पवार ने इन चुनावों में जीत हासिल करने वाले नेताओं को बधाई दी और हारने वाले उम्मीदवारों से अपील की कि वह निराश हुए बिना जनता की सेवा लगातार करते रहेंगें।