लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में सोमवार रात इंस्टाग्राम पर एक अंजान महिला से करीब डेढ़ घंटे ऑडियो कॉल करने के बाद ही पारुल तिवारी ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
और फिर देर रात कॉल न उठने पर पति अंकुर तिवारी ने भाई ईशांत को कमरे में जाकर देखने को भी कहा।
लेकिन खिड़की से झांकने पर पारुल का शव लटका हुआ मिला। और फिर पति ने बताया कि रात में पारुल से व्हाट्सएप कॉल पर बात हुई थी और वह सामान्य नजर आ रही थीं।
फिर इसके बाद इंस्टाग्राम पर गौरी नाम की आईडी धारक महिला से बात करने के बाद उसने जान दी। और अंकुर ने ब्लैकमेलिंग का आरोप भी लगाया।
इसके साथ ही गौशाला रोड स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल के सामने रहने वाले अंकुर तिवारी कासगंज जिले में पंडिताई करते हैं।
फिर उनके साथ पत्नी पारुल, दो बेटियां और देवर ईशांत रहते थे। और फिर ईशांत सिटी कार्ट में नौकरी करता है।
फिर सोमवार रात ईशांत ड्यूटी से लौटे तो पारुल ने खाना दिया और कमरे में भी चली गईं। और मां कुसुम ने भी कॉल की, लेकिन पारुल का फोन रिसीव नहीं हुआ।
फिर काफी देर तक प्रतिक्रिया न मिलने पर परिवार ने खिड़की से देखा, जहां पारुल दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी हुई मिलीं।
और फिर दरवाजा खोलकर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
इसके बाद अंकुर ने बताया कि इसी ऑडियो कॉल पर पारुल को ब्लैकमेल किया गया।
फिर इससे पहले भी बिहार का एक युवक पारुल को परेशान कर रहा था, जिससे घर में कई बार विवाद भी हुआ।
और फिर इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ओमवीर सिंह चौहान ने कहा कि मोबाइल को कब्जे में लेकर साइबर सेल की मदद से जांच भी शुरू कर दी गई है।
इसके अलावा पति अंकुर ने ये भी बताया कि पारुल ने रात 9:45 बजे से 11:29 बजे तक गौरी नाम की आईडी से ऑडियो कॉल पर बात भी की।
और फिर देर रात 12:25 बजे कॉल फिर से आई, लेकिन नेटवर्क बंद होने के कारण रिसीव भी नहीं हो सका। फिर इसी एक घंटे के दौरान पारुल ने कथित तौर पर आत्महत्या भी की गई।