कानपुर में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच ही चौबेपुर ब्लॉक से जागरूकता का एक अनोखा मामला सामने आया है।
फिर यहां बहलोलपुर ब्लॉक में तैनात एक सफाईकर्मी ने अपनी सूझबूझ और जानकारी के दम पर खुद को साइबर ठगों का शिकार होने से बचा भी लिया।
और फिर ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट और हनीट्रैप के जाल में फंसाकर हजारों रुपये ऐंठने की कोशिश भी की थी।
फिर इसके साथ ही सफाईकर्मी सचिन देव आनंद ने बताया कि साइबर ठगों ने पहले उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश की और बाद में व्हाट्सएप पर एक न्यूड वीडियो भेजकर उन्हें ब्लैकमेल करना भी शुरू कर दिया।
और फिर ठगों ने उन्हें झूठे कानूनी केस में फंसाने की धमकी दी और मामले को रफा-दफा करने के बदले 31,500 रुपये की मांग भी की।
फिर सचिन ने बताया कि वह अक्सर समाचारों और सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर क्राइम के तरीकों के बारे में पढ़ते भी रहते हैं।
फिर जैसे ही ठगों ने पैसों की मांग की, वह समझ गए कि यह एक फ्रॉड है। फिर उन्होंने घबराने के बजाय धैर्य से काम लिया और ठगों को पैसे देने से साफ इन्कार भी कर दिया।
और फिर जब अपराधियों को लगा कि सचिन उनकी धमकियों से नहीं डर रहे हैं, तो उन्होंने संपर्क भी तोड़ दिया। फिर इस घटना के बाद सचिन देव आनंद अन्य कर्मचारियों और ग्रामीणों के लिए एक मिसाल बन गए हैं।