प्यार को पाने के लिए किया सडयंत्र, मार्कशीट में घटा दी 23 साल उम्र, हुई तीन साल की सजा

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भोपाल में प्यार की अजीबों गरीब कहानी कुछ अलग ही मोड़ पर पहुंच गई, फिर यहां एक युवक ने प्रेमिका से शादी करने के लिए अपनी उम्र ही बदल डाली।

और फिर नतीजा यह हुआ कि शादी की चाहत अब तीन साल की जेल की सजा में बदल गई। और फिर पूरा मामला भोपाल के रातीबढ़ क्षेत्र का है।

और यहां लोकेश मेहर नाम के युवक ने प्रेम विवाह के लिए खुद को बालिग दिखाने के उद्देश्य से फर्जी मार्कशीट भी बनवाई।

और इस काम में उसका साथ फर्जी दस्तावेज बनाने वाले उम्मेद राठौर ने ही दिया। और फिर भोपाल की अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल की सजा और जुर्माना भी सुनाया है।

और फिर कहानी शुरू होती है 23 नवंबर 2020 से. रातीबढ़ इलाके में रहने वाले अर्जुन सिंह ने थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई कि उनकी बेटी पायल कॉलेज से लौटकर घर भी नहीं पहुंची।

और फिर पुलिस ने तलाश शुरू की तो अगले ही दिन चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई। और फिर पायल ने लोकेश के साथ भदभदा रोड स्थित एक मंदिर में शादी भी कर ली थी।

और फिर दस्तावेजों में लोकेश की जन्मतिथि 1 फरवरी 1998 दर्ज थी, जिससे वह शादी के लिए योग्य भी दिख रहा था।

फिर जबकि स्कूल रिकॉर्ड कुछ और ही कह रहे थे। और शासकीय स्कूल से मिली असली मार्कशीट में उसकी जन्मतिथि 1 फरवरी 2001 थी। यानी शादी के समय वह उम्र की शर्तें पूरी नहीं करता था।

और फिर पुलिस ने जब तलाशी ली तो लोकेश के घर से एक और मार्कशीट मिली, जिस पर लिखा था जनक मेमोरियल स्कूल, फिर जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ।

कि ऐसा कोई स्कूल अस्तित्व में ही नहीं है। और फिर यहीं से फर्जीवाड़े की परतें भी खुलने लगीं।

और फिर पूछताछ में लोकेश ने उम्मेद राठौर का नाम बताया, और आरोपी उम्मेद एक निजी स्कूल में शिक्षक था।

और उत्तर प्रदेश से आकर भोपाल में फर्जी मार्कशीट और दस्तावेज भी तैयार करता था। फिर उसके पास से खाली मार्कशीट फॉर्मेट और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए।

साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी और फॉरेंसिक जांच में साफ हो गया कि जनक मेमोरियल स्कूल नाम से न तो कोई मान्यता प्राप्त संस्थान है।

और न ही कोई बोर्ड प्रमाणपत्र जो जारी होता है। और फिर हस्तलेखन और दस्तावेज जांच में भी कागजात नकली भी पाए गए।

और फिर सभी सबूतों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश दीपक बंसल ने दोनों आरोपियों को दोषी भी ठहराया।

और सरकार की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक वासुदेव गोस्वामी ने भी की। और फिर अदालत ने ये भी साफ कहा— प्यार अपनी जगह है, लेकिन कानून से खिलवाड़ की सजा तो तय ही है।

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