कानपुर पुलिस ने सट्टेबाजी और हवाला गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नौ संदिग्धों को पकड़ लिया है।
फिर इनके पास से नेपाली नोट मिले हैं, जिनका इस्तेमाल कोड के रूप में होता था। और फिर गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हैं और ये शेयर ट्रेडिंग के बहाने अवैध निवेश करा रहे थे।
फिर सट्टेबाजी और हवाला कारोबार से जुड़े आरोपियों के पास से नेपाल की कुछ करेंसी बरामद हुई है।
फिर इनका इस्तेमाल हवाला कारोबार से आने वाली रकम के आदान प्रदान में हो रहा था। फिर यह जानकारी पुलिस अधिकारियों को आरोपियों से पूछताछ में हुई है।
आरोपी नेपाल की करेंसी का आधा हिस्सा दूसरी पार्टी को देते थे, जबकि स्वयं आधा भाग रखते थे।
और फिर जहां रुपयों का आदान-प्रदान होना होता था, वहां नेपाल की करेंसी का मिलान कराया जाता था।
और फिर नंबर और नोट के मिला के बाद डील फाइनल होती थी। और फिर एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके के मुताबिकए गिरोह के पास से नेपाल की करेंसी मिली है।
फिर इनकी मदद से डील फाइनल होती थी। और फिर आरोपी बसों और ट्रेनों के माध्यम से हवाला की रकम एक शहर से दूसरे शहर में भेजते थे।
इसके साथ ही आरोपियों से मिली जानकारी के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने नौ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
फिर इनसे पूछताछ में शहर के अन्य थानाक्षेत्रों में चल रहे ऑनलाइन बेटिंग और सट्टेबाजी के खेल का पता चला है।
और फिर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने देर रात संदिग्धों को उठाना शुरू कर दिया।और फिर पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरोह के तार दिल्ली और नोएडा से सीधे जुड़ रहे हैं।
और फिर कई रसूखदारों से डील हो चुकी है। फिर पकड़े गए आरोपियों ने कुछ रसूखदारों के नाम भी बताए गए हैं। फिर उनकी और जानकारी जुटाई भी जा रही है।