ठगी करने का अनोखा खेल, पानी की टंकी, खेतों व ट्यूबवेल किनारे बैठकर देश भर में लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के तीन सदस्य रविवार को पुलिस के हत्थे भी चढ़ गए।
और फिर तीनों आरोपितों ने सचेंडी के ठाकुरदास का पुरवा गांव के एक खेत में ठगी का पूरा सेटअप बना रखा था।
वे खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते थे और अश्लील वीडियो देखने पर मुकदमे का डर दिखाकर लोगों से वसूली करते थे।
और फिर जांच में पता चला है कि आरोपित उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई अन्य राज्यों में 30 से ज्यादा लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं।
फिर इसकी शिकायत भी नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्ट पोर्टल पर भी दर्ज है। इससे पहले भी इसी गिरोह के पांच आरोपित 17 दिसंबर को कानपुर देहात से गिरफ्तार हुए थे।
और फिर इनकी पहचान कानपुर देहात के गजनेर बलरामपुर गांव निवासी अरविंद सिंह, ठाकुरदास का पुरवा निवासी अनुराग सिंह और विकास सिंह के रूप में हुई।
ठगों के पास से 17 सिमकार्ड, तीन मोबाइल फोन, पांच एटीएम और तीन आधार कार्ड बरामद हुए।
इसके साथ ही डीसीपी ने बताया कि सचेंडी क्षेत्र के कुछ गांव में साइबर ठगों के कई गिरोह संचालित हैं जो खेत व पानी की टंकी पर चढ़कर देश भर के लोगों से ठगी कर रहे हैं।
और फिर दिसंबर में पकड़े गए पांचों आरोपितों से इनका कनेक्शन खंगाला जा रहा है। यह गिरोह फर्जी वेबसाइट बनाकर होटलों की आनलाइन बुकिंग के नाम पर भी ठगी भी करता है।
और फिर पुलिस अधिकारी बन करते थे ठगी, एक काल करता तो दूसरा बजाता था सायरन, इसके साथ ही तीनों आरोपित पुलिस अधिकारी बन लोगों को डराकर ठगी के जाल में फंसाते थे।
फिर एक आरोपित लोगों को फोन काल करता था तो दूसरा मोबाइल फोन से पुलिस की गाड़ी का सायरन बजा देता था।
और फिर बातचीत के दौरान तीसरे को बड़ा अधिकारी बता उससे बात कराते थे और एफआइआर न लिखने के बदले रुपये मांगते थे।
पुलिस टीम अब उन बैंक खातों के बारे में जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी के रुपये ट्रांसफर किए गए।
फिर एक साथ इतने अधिक संख्या में सिमकार्ड किसकी आइडी पर जारी हुए, पुलिस इसका भी रिकार्ड खंगाल रही है।
और फिर पकड़े गए आरोपितों में कोई इंटर तो कोई सिर्फ नौवीं पास है लेकिन देश भर में ठगी का जाल फैला रखा है।
और फिर आरोपित अरविंद सिंह बीएससी का छात्र है तो अनुराग सिंह नौवीं और विकास इंटर भी पास है।
और फिर अरविंद व अनुराग पर दो-दो मुकदमे और विकास पर एक मुकदमा दर्ज है। इन लोगों के विभिन्न बैंक खातों में लगभग आठ लाख रुपये होल्ड भी कराए गए हैं।