यूपी बोर्ड परीक्षा में अब नकल करने वालों के लिए इस बार ऐसे सख्त नियम लागू किए हैं, जो नकल माफियाओं के सारे खेल को पूरी तरह से ध्वस्त कर देंगे।
और फिर उत्तर पुस्तिकाओं के हर पन्ने पर अनुक्रमांक और उत्तर पुस्तिका का क्रमांक लिखना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे किसी भी तरह के पन्नों के बदलाव या फर्जी कॉपियों का खेल असंभव भी हो जाएगा।
इसके साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं का नया लंबा फार्मेट भी पारंपरिक चौड़ाई वाले फार्मेट की जगह लेगा।
और फिर दो कवर पेज रखने से मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय और पारदर्शी होगी। यानि जो छात्र बिना पढ़े नकल के भरोसे पास होने की सोच रहे हैं, उनके लिए ये नियम सीधे तौर पर चेतावनी भी हैं।
और फिर जिले में 18 फरवरी से होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए 129 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 95 हजार विद्यार्थी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा भी देंगी।
और फिर इस बार उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण छात्रों की संख्या से 40 फीसदी अधिक किया गया है, ताकि जो छात्र एक से अधिक कॉपियों को भरने की क्षमता भी रखते हैं, उनके लिए अतिरिक्त कॉपियां उपलब्ध रहें।
और फिर डीआईओएस डा. अजीत कुमार ने ये भी बताया कि उत्तर पुस्तिकाएं मिल चुकी हैं और इनका वितरण काफी हद तक भी हो चुका है।
इसके साथ ही प्रश्न पत्र जल्द ही डबल लॉक, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे।
ये भी कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की यह कड़ी तैयारी और सख्ती साफ संकेत भी देती है कि परीक्षा अब सिर्फ मेहनत और तैयारी करने वाले छात्रों के लिए है।
और फिर जो छात्र नकल के सहारे पास होने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए ये नियम सीधे एक बड़ा झटका हैं।