अब प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए प्रदेश के राजकीय ने ही आइटीआइ में पढ़ने वाले छात्र केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेंगे।
बल्कि आधुनिक मशीनों और इंडस्ट्री-ग्रेड उपकरणों पर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। और फिर प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय और श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम ट्रस्ट और ग्लोबल कंपनी भी श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया फाउंडेशन के बीच ही एक समझौता हुआ है।
और फिर इसके तहत आइटीआइ में आधुनिक लैब की स्थापना होगा। इसे आइटीआइ के छात्रों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में मदद भी मिलेगा।
और फिर इस नई योजना के तहत प्रदेश के 20 राजकीय आइटीआइ में ही विश्व स्तरीय इलेक्ट्रिशियन ट्रेनिंग लैब औररिन्यूएबल एनर्जी लैब की स्थापना की सहमति भी बनी है।
और फिर इसके तहत इन सभी 20 आइटीआइ में पढ़ने वाले 8250 छात्रों को अगले 3 सालों में प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
और फिर इन लैब में छात्रों को सोलर वाटर पंप, हाइब्रिड सोलर सिस्टम और इंडस्ट्रियल आटोमेशन से जुड़ी बारीकियां भी सिखाई जाएंगी।
फिर जिसमें छात्रों को सोलर पैनल कैसे लगाए जाते हैं, उनकी मरम्मत कैसे होती है। और फिर बड़ी फैक्ट्रियों में आटोमैटिक मोटर कंट्रोलर कैसे काम करते हैं। फिर इसका प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।