रूस अब इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, लेकिन वह इसका असली बिनर बनकर लगातार उभर रहा है।
और फिर रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से रूस को हर दिन लगभग 150 मिलियन डॉलर यानी करीब 1200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई भी हो रही है।
और फिर ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद किए जाने से दुनिया भर के देश अब रूस की तरफ ही रुख कर रहे हैं।
और फिर कुछ महीने पहले तक रूस का यूराल क्रूड $52 प्रति बैरल पर बिक रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत उछलकर मारकर $70 से $80 प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
साथ ही मिडिल ईस्ट युद्ध के शुरुआती 12 दिनों में ही रूस ने तेल निर्यात से करीब $1.3 बिलियन से $1.9 बिलियन का एक्स्ट्रा टैक्स रेवेन्यू कमा भी लिया है।
इसके अलावा अगर ईरान का रुख ऐसा ही रहा, तो इस महीने के अंत तक रूस की यह एक्स्ट्रा कमाई $5 बिलियन यानी करीब 42,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
और फिर दुनिया भर में सप्लाई चेन टूट गई, तो भारत और चीन जैसे बड़े तेल खरीदारों ने अपने पुराने और भरोसेमंद दोस्त रूस का हाथ थाम लिया।
और फिर फरवरी के मुकाबले रूस से भारत और चीन का तेल आयात 22% तक बढ़ भी गया है।
और फिर एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत इस समय रूस से हर दिन करीब 15 लाख बैरल तेल खरीद भी रहा है।
इसके साथ ही रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद, ट्रंप प्रशासन ने युद्ध के चलते 30 दिनों की राहत भी दी गई है, जिसका फायदा भारत को भी मिल रहा है।