जीएसटी नेटवर्क ने करदाताओं के लिए अब नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। फिर अब करदाता केवल तब ही अपना टैक्स रिटर्न जमा कर सकेंगे।
फिर जब वे टैक्स दायित्वों का पूरा विवरण प्रस्तुत करेंगे। जीएसटी नेटवर्क ने जीएसटीआर-3बी फाइलिंग प्रक्रिया के संबंध में व्यापारियों और करदाताओं के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है।
और फिर जीएसटीएन के अनुसार, करदाताओं को अपना रिटर्न फाइनल सबमिट करने से पहले पोर्टल पर ‘टैक्स लायबिलिटी ब्रेकअप, ऐज एप्लिकेबल’ टैब खोलना अनिवार्य होगा।
इस टैब पर मांगी गई सूचनाओं की पुष्टि के बाद ही रिटर्न फाइल भी किया जा सकेगा।और फिर बिना इस प्रक्रिया को पूरा किए डिजिटल सिग्नेचर या ईवीसी के माध्यम से रिटर्न फाइल नहीं किया जा सकेगा।
साथ ही सीए नितिन सिंह ने बताया कि पहले बकाया टैक्स जमा करते समय यह नहीं पूछा जाता था कि टैक्स कब से बकाया भी है।
और फिर अब नया ‘टैक्स लायबिलिटी ब्रेकअप’ फीचर यह स्पष्ट भी करेगा कि जमा किया जा रहा टैक्स वर्तमान महीने का है या पिछले महीनों का। इससे ब्याज का निर्धारण तुरंत किया जा सकेगा।
इसके अलावा जीएसटीएन ने करदाताओं के फीडबैक को स्वीकार भी किया है और सुधार की प्रक्रिया भी जारी है।
सभी करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे रिटर्न फाइल करने से पहले ‘ब्रेकअप टैब’ में जाकर डेटा भी सेव करें।