पिछले पांच वर्षों में कानपुर का औसत तापमान 1.3 डिग्री और भी बढ़ गया है। फिर हर साल तापमान में कुछ न कुछ वृद्धि हो रही है। 2021 से लेकर 2025 के बीच तापमान में क्रमिक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
फिर इन वर्षों में अभी तक अधिकतम पारा 48.2 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। और फिर पूर्वानुमान है कि इस साल अधिकतम तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
इसके साथ ही माैसम वैज्ञानिक इसे जलवायु परिवर्तन का असर बता रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण ही बीते दो-तीन दिनों में अचानक पारा 10 से 15 डिग्री गिर गया था।
इससे फसलों और लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। और फिर माैसम विशेषज्ञ डाॅ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि इस तरह के उतार-चढ़ाव वाले माैसम से फसलों और लोगों के स्वास्थ्य का संतुलन बिगड़ रहा है।
और फिर फसलों की पैदावार प्रभावित हो रही है तो लोग सर्दी, बुखार और पाचन खराब होने जैसी कई बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
और दो वर्ष पहले प्रदेश सरकार ने भीषण गर्मी की वजह से बढ़ रही दिक्कतों को देखते हुए ही माैसम विभाग और चिकित्सा विभाग को एक साथ अपनी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे।
इसके अलावा माैसम विभाग के अनुसार पिछले कुछ वर्षों से हीट इंडेक्स लगातार बढ़ रहा है।
पूर्वानुमान है कि इस वर्ष अप्रैल से लेकर जून के बीच इसमें और बढ़त भी देखी जा सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, जलवायु परिवर्तन की मुख्य वजह मानवीय गतिविधियां रही हैं। कोयला, तेल, गैस का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा बढ़ना और वनों की कटाई जिससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी लगातार बढ़ता है।