गुरुवार को शहर में आवारा आतंक का खौफ एक बार फिर देखने को मिला। फिर गुरुवार शाम दुर्गा अष्टमी पर नजीराबाद के नारायणपुरवा से निकलकर बारादेवी जा रहे।
जवारा जुलूस में लाजपत नगर के पास एक बेकाबू सांड़ दौड़ते हुए भीड़ में घुस गया। फिर जिससे जुलूस में अफरा-तफरी मच गई।
और फिर भगदड़ में महिला समेत दो लोग घायल हुए हैं। हालांकि कुछ समझदार लोगों ने भीड़ में कहर बरपा रहे सांड को पड़ोस स्थित एक गली में मोड़ दिया।
जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। फिर दुर्गा अष्टमी पर हर साल की तरह निकलने वाले जवारा जुलूस में काफी संख्या में भक्त सांग लगवाकर माता के जयकारे लगाते हुए बारादेवी मंदिर पहुंचते हैं।
इसके साथ ही गुरुवार शाम जवारा जुलूस में काफी संख्या में महिलाएं और भक्त जयकारे लगाते हुए जा रहे थे।
फिर इस दौरान लाजपत नगर में रंगोली गेस्ट हाउस के पास कुछ लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों के लिए शर्बत का प्रबंध भी किया गया था।
और फिर जुलूस निकल रहा था तभी एक बेकाबू सांड तेजी से भीड़ में आ घुसा, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
और फिर लोग जान बचाने के लिए भागे, जिसकी वजह से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
और फिर इस दौरान नारायणपुरवा निवासी शिवदेवी और शिवाजी नगर के पंकज मिश्रा घायल हो गए।
फिर गनीमत रही कि कुछ लोगों ने सांड को आगे एक गली में घुसेड़ दिया। फिर अगर वह सीधे दौड़ता तो गाल में वजनी सांग लगाकर चल रहे भक्तों से टकरा जाता तो किसी की जान भी जा सकती थी।
इसके अलावा शिवदेवी के स्वजन ने ये भी बताया कि उनके पेट में ट्यूमर था जिसका उन्होंने ऑपरेशन करवाया था।
फिर वहीं पंकज मिश्रा के हाथ पैर और कमर में चोट आई है। और फिर लोगों का कहना है जवारा जुलूस के अनुसार पर्याप्त फोर्स भी नहीं था।
इसके साथ ही जुलूस में केवल एक दारोगा और महिला सिपाही की ड्यूटी भी लगाई गई थी।
और फिर नजीराबाद थाना प्रभारी पवन कुमार सिंह ने ये भी बताया कि सांड के घुसने से मची भगदड़ में शिवदेवी को चोटें भी आई है जिन्हें उनके स्वजन अस्पताल भी ले गए हैं।