किडनी कांड में अब नया खुलासा, यूपी में हुई जांच, दिल्ली में ट्रांसप्लांट, जानें आगे पूरा मामला

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कानपुर के किडनी कांड में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। और फिर मेरठ के अल्फा में जांच होती थीं। जबकि दिल्ली के दो अस्पतालों में किडनी प्रत्यारोपण होता था।

और पुलिस और सीएमओ कार्यालय के डॉक्टरों की टीम के सामने आयुष, शिवम अग्रवाल और अन्य आरोपियों बड़े राज खोले हैं।

और फिर दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के नर्सिंगहोम में अनधिकृत तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट का खेल चल रहा है।

फिर यहां डॉक्टर और सर्जन कहीं और से बुलाए जाते हैं। सर्जरी दूसरी जगह पर होती है। इसके बाद किडनी रोगियों व डोनर का इलाज किसी अन्य नर्सिंगहोम में किया जाता है।

और फिर यह जानकारी पुलिस और सीएमओ कार्यालय के डॉक्टरों की टीम को आयुष, शिवम अग्रवाल और अन्य आरोपियों से पूछताछ से मिली है।

फिर इन लोगों ने मेरठ के अल्फा हॉस्पिटल में जांचें कराने व दिल्ली के दो बड़े अस्पतालों में कई किडनी ट्रांसप्लांट होने का खुलासा किया है। और फिर यह अस्पताल किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अधिकृत भी नहीं हैं।

इसके साथ ही डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने ये भी बताया कि आयुष और शिवम अग्रवाल ने पूछताछ में डॉ. अफजल और डॉ. वैभव की जानकारी दी है।

दोनों का कहना है कि डॉ. अफजल और डॉ. वैभव बड़ी संख्या में किडनी ट्रांसप्लांट भी करा चुके हैं।

और अल्फा हॉस्पिटल में डोनर और किडनी रोगियों की जांचें हुई। फिर उनकी सर्जरी की प्लानिंग की गई फिर उन्हें दिल्ली के दो बड़े अस्पतालों में भेजा गया।

यहां पर ऑपरेशन के तुरंत बाद गुर्दा रोगी और डोनर की दूसरी जगह शिफ्ट भी कर दिया जाता था।

साथ ही यह गुर्दा प्रत्यारोपण बाले रोगियों को दिल्ली के डॉक्टरों से संपर्क कराते थे और उनका प्रत्यारोपण भी होता था।

और फिर साउथ अफ्रीका की अरेबिका भी इसी अस्पताल की चेन के संपर्क में आकर प्रत्यारोपण कराने के लिए कानपुर आई थी। फिर इस अस्पताल का कार्यालय चेन्नई में है।

और फिर मेरठ के तीन डॉक्टरों डॉ. अफजल, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अमित और डॉ. वैभव मुद्गल को पुलिस तलाश रही है।

फिर ये तीनों मंगल पांडेय नगर स्थित अल्फा हॉस्पिटल से जुड़े बताए गए हैं। और इस अस्पताल पर पहले भी उपचार में लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं।

और फिर कानपुर के किडनी प्रकरण में नाम आने के बाद सीएमओ ने गढ़ रोड पर मंगल पांडे नगर स्थित अल्फा अस्पताल प्रबंधन को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण भी मांगा है। और फिर तीन दिन के भीतर जवाब न देने पर कार्रवाई की पूर्ण चेतावनी भी दी है।

और फिर जांच में पता चला है कि डॉ. रोहित ने ही किडनी ट्रांसप्लांट के समय अस्पताल के स्टाफ की छुट्टी करने और सीसीटीवी कैमरों को बंद करने के लिए भी कहा था।

और फिर डॉ. अफजल, डॉ. वैभव और डॉ. अमित मेरठ के अल्फा अस्पताल से भी जुड़े हैं। फिर उनका संबंध अन्य अस्पतालों से भी है। पुलिस उनकी तलाश में लगातार जुटी है।

और फिर किडनी कांड के आरोपियों के तार दिल्ली एनसीआर के अलावा अन्य शहरों से जुड़े होने की जानकारी भी आ रही है।

और फिर कमिश्नरी पुलिस मामले की जांच भी कर रही है। और फिर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित ठिकानों में दबिश भी दी जा रही है।

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