कानपुर में कलेक्ट्रेट में कार्यरत तीन कनिष्ठ लिपिकों को टाइपिंग परीक्षा में लगातार असफल रहने के कारण जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देश पर ही पदावनत कर चपरासी बना दिया गया।
फिर ये कार्रवाई प्रशासनिक नियमों के तहत की गई है। तीनों की नियुक्ति करीब दो वर्ष पहले मृतक आश्रित कोटे से कनिष्ठ लिपिक के पद पर हुई थी।
एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार ने ये भी बताया कि मृतक आश्रित कोटे से कलेक्ट्रेट में दो वर्ष पहले प्रेमनाथ यादव, अमित यादव व नेहा श्रीवास्तव की कनिष्ठ लिपिक पद पर भर्ती भी की गई थी।
फिर बाद में निर्धारित समयावधि एक साल के अंतराल में टाइपिंग परीक्षा पास करनी थी।
फिर इसके लिए उन्हें दो अवसर दिए गए, लेकिन दोनों बार वे न्यूनतम निर्धारित गति हासिल नहीं कर सके।
फिर इसके बाद विभागीय समीक्षा में ये भी पाया गया कि वे लिपिकीय कार्यों के लिए आवश्यक योग्यता पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
और फिर इस पर नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए तीनों को कनिष्ठ लिपिक पद से हटाकर चपरासी पद पर पूर्ण पदावनत कर दिया गया।
और फिर पदावनत होने से करीब छह हजार रुपये प्रतिमाह वेतन में कमी होने के साथ ही इनको फिर प्रोन्नति का मौका भी काफी समय बाद मिल पाएगा।