उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों के ही साथ-साथ देश के कई अन्य राज्यों में भी पारा तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। और फिर कई शहर अप्रैल में ही 42 से अधिक के तापमान को झेलने लगे हैं।
और फिर बढ़ती गर्मी के साथ-साथ देश के कई शहरों में अंडे की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। फिर वहीँ अंडा की कीमत 7 रुपये तक हो गई है।
इसके साथ ही पिछले महीने मार्च में पश्चिम एशिया संकट की वजह से अंडे की कीमतों में भारी गिरावट आई थी, लेकिन अब फिर से दाम बढ़ने लगे हैं।
फिर इसकी कई वजह सामने आ रही है। और फिर उत्तर ही नहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों हर जगह अंडे के दाम बढ़ने लगे हैं।
इसके साथ ही हैदराबाद और मंगलुरु के साथ-साथ असम में भी अंडों की कीमतें फिर से बढ़ गई हैं।
ये भी बताते चले कि व्यापारियों का कहना है कि स्थानीय मांग में कमी अभी भी बाजार पर दबाव बनाए हुए है।
और फिर पिछले हफ्ते शुक्रवार को मंगलुरु में अंडों की थोक कीमत 6.20 रुपये प्रति अंडा थी। जबकि खुदरा में यह 7 रुपये थी।
और वहीँ मार्च में मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के दौरान दूसरे हफ्ते में, खाड़ी देशों को होने वाली अंडों की खेप अचानक रुक गई थी। जिससे कीमतें गिरकर करीब 5.40 रुपये (थोक) तक भी पहुंच गई थीं।
इसके अलावा असम के बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अंडों की एक प्लेट की कीमत 170 रुपये से बढ़कर 200 रुपये हो गई है।
और फिर जो कुछ ही दिनों में प्रति ट्रे 30 रुपये की तेज बढ़ोतरी है। फिर इसी तरह, अंडों के एक कार्टन की कीमत 1,150 रुपये से बढ़कर 1,200 रुपये हो गई है।
और पूर्वोत्तर राज्य में अंडों की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी का असर घरों और छोटे व्यवसायों पर पड़ने की पूर्ण संभावना है।