कानपुर के बर्रा थानाक्षेत्र से अगवा उन्नाव की युवती की गोली मारकर हत्या कर दी गई। फिर इसके बाद उसके शव को बुलंदशहर जाकर फेंक दिया।
और पुरे मामले युवती की मां ने उन्नाव के नर्सिंगहोम संचालक और उसके भतीजे के खिलाफ अपहरण कर हत्या की आशंका जताते हुए मुकदमा भी कराया गया था।
साथ ही जांच में जुटी पुलिस आरोपित भतीजे को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उन्हें हत्या कबूल कर ली और दबाव बनने पर नर्सिंगहोम संचालक ने भी थाने में सरेंडर भी कर दिया।
फिर वहीं, शव की बरामदगी के लिए आरोपित भतीजे को लेकर पुलिस एक टीम बुलंदशहर को रवाना भी हो गई है।
ये भी आरोप था कि उनकी 21 वर्षीय बेटी ने 19 मई को सदर कोतवाली में नर्सिंगहोम संचालक के खिलाफ शारीरिक शोषण करने की शिकायत भी की थी।
फिर इसकी जानकारी पर नर्सिंगहोम संचालक के भतीजे विवेक पटेल ने बेटी के मोबाइल पर मैसेज करके मिलने के लिए कहा तो बेटी राजी भी हो गई।
फिर इस पर 21 मई को मैसेज करके दोपहर 1:15 बजे मिलने के लिए बुलाया। फिर उनकी बेटी ने उनके मोबाइल पर मैसेज करने के बाद उससे मिलने के लिए चली गई, जिसके बाद से उसका मोबाइल भी स्विच आफ हो।
फिर वह घर नहीं लौटी तो बर्रा थाने में अपहरण कर हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत की।
और फिर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपित की तलाश शुरू की तो विवेक को पुलिस ने एलएलआर अस्पताल से गिरफ्तार भी कर लिया।
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपित विवेक ने पूछताछ में गोली मारकर हत्या करने की बात भी कबूल कर ली है। साथ ही यह भी जानकारी दी, उसके शव को बुलंदशहर ले जाकर फेंक भी आए हैं।
हालांकि बर्रा पुलिस ने वहां की पुलिस से अज्ञात शव की जानकारी जुटाई तो कुछ भी पता नहीं चला।
फिर इधर, पुलिस लगातार आरोपित नर्सिंगहोम संचालक की तलाश में भी लगी थी। दबाव बढ़ने पर मंगलवार को नर्सिंगहोम संचालक ने बर्रा थाने पहुंचकर सरेंडर भी कर दिया।
फिर इसके बाद दोनों से पूछताछ की तो पुलिस को गुमराह करते एक-दूसरे पर आरोप लगाना शुरू कर दिया।
हालांकि पुलिस की एक टीम आरोपित विवेक को लेकर शव की बरामदगी के लिए बुलंदशहर रवाना भी हो गई है।
फिर डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने ये भी बताया कि दोनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।
फिर शव की बरामदगी के भी प्रयास जारी है। जल्द ही पूरे मामले का राजफाश भी किया जाएगा।
ये भी बताया कि एक महिला समेत तीन लोगों ने उसे गोली मारी है, जो उसके पेट को फाड़ते हुए निकल गई।
फिर पुलिस ने उसे जिला अस्पताल भर्ती कराया, जहां से एलएलआर अस्पताल रेफर भी कर दिया था।
हालांकि घटना को संदिग्ध मानकर पुलिस मामले की जांच भी कर रही थी। फिर उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज भी नहीं किया था।