पश्चिम बंगाल: हाई कोर्ट ने अब स्पीकर के फ़ैसले में नहीं किया हस्तक्षेप, जानें ऋतब्रत बनर्जी बने रहेंगे विपक्ष के नेता

0
37

कलकत्ता हाईकोर्ट ने ही तृणमूल कांग्रेस के बाग़ी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को ही विपक्ष का नेता मानने के विधानसभा अध्यक्ष के फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर कोई भी अंतरिम आदेश भी नहीं दिया।

फिर इसके साथ ही अदालत ने हस्तक्षेप से भी इनकार भी किया है, इसलिए अध्यक्ष रथींद्र बसु का फ़ैसला बरक़रार भी रहेगा और ऋतब्रत विपक्ष के नेता बने रहेंगे।

फिर हाईकोर्ट के न्यायाधीश कृष्ण राव ने गुरुवार को ही संबंधित पक्षों को हलफ़नामा दायर करने का निर्देश भी दिया। और फिर इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को ही होगी।

साथ ही ऋतब्रत के खेमे के विधायक संदीपन साहा ने पत्रकारों से ये भी कहा, यह हमारी नैतिक जीत है। फिर हमने जो भी किया है क़ानूनी तौर पर ही किया है।

और फिर विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी ने विधायक दल के नेता के तौर पर शोभनदेव चटर्जी का नाम भी तय किया था।

लेकिन पार्टी के 58 विधायकों के समर्थन से ऋतब्रत ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष इस पद पर दावा भी पेश किया।

फिर अध्यक्ष ने उनको विपक्ष के नेता के तौर पर मान्यता भी दे दी थी, लेकिन उससे पहले एक जून को ही पार्टी ने ऋतब्रत को निकाल भी दिया था।

और फिर टीएमसी का ये भी आरोप है कि पार्टी की ओर से शोभनदेव को विधायक दल का नेता चुने जाने की जानकारी बीती 9 मई को ही स्पीकर को ही दे दी गई थी।

लेकिन उन्होंने उस पर कोई भी फ़ैसला नहीं किया, फिर उसके बाद शोभनदेव चटर्जी ने ऋतब्रत को विपक्ष का नेता बनाने के फ़ैसले को अदालत में ही चुनौती दी थी।

और फिर इस मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को जज कृष्ण राव ने भी सवाल उठाया था कि टीएमसी से निष्कासित होने के बावजूद ही स्पीकर ने ऋतब्रत को विपक्ष के नेता के तौर पर मान्यता कैसे दे दी।

फिर विधानसभा अध्यक्ष के वकील का कहना था कि इस बारे में कोई स्पष्ट नियम नहीं है। और फिर इस मामले में बहुमत के आधार पर फ़ैसला भी किया गया है।

लेकिन शोभनदेव के वकील कल्याण बनर्जी का कहना था कि विपक्ष के नेता का फ़ैसला संबंधित राजनीतिक पार्टी ही करती है।

फिर इसका विधायकों की संख्या से कोई भी लेना-देना नहीं है। और फिर उनकी दलील थी कि पार्टी से निष्कासित किसी विधायक को विधायक दल का नेता ही बनाना क़ानूनी तौर पर तर्कसंगत भी नहीं है।

फिर तमाम पक्षों को सुनने के बाद ही अदालत ने इस मामले में बुधवार को अपना फ़ैसला सुरक्षित भी रखा था, फिर जिसे आज सुनाया भी गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here