उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब नई बिजली दरों की घोषणा कर दी है।
फिर आयोग ने प्रदेश की सभी बिजली वितरण कंपनियों की दरों में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी भी नहीं की है।
फिर इसके साथ ही उत्तर प्रदेश लगातार सातवें वर्ष बिजली दरें स्थिर रखने वाला देश का पहला राज्य भी बन गया है।
फिर आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह द्वारा जारी टैरिफ आदेश का उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने स्वागत करते हुए।
इसे प्रदेश के करीब 3.80 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के हित में बड़ा फैसला भी बताया है।
फिर परिषद का ये भी दावा है कि उसके विधिक और तथ्यात्मक पक्षों के आधार पर बिजली कंपनियों की दर वृद्धि की मांग को आयोग ने स्वीकार भी नहीं किया।
साथ ही आयोग ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बैटरी स्वैपिंग स्टेशन तथा बैटरी चार्जिंग एवं सर्विस चार्जिंग स्टेशनों के लिए सिंगल पार्ट टैरिफ लागू किया है।
साथ ही सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक बैटरी चार्जिंग पर 20 प्रतिशत की छूट देने का भी फैसला लिया गया है।
फिर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी 17,100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20,400 करोड़ रुपये भी कर दी है।
फिर इसके अलावा पावर कॉरपोरेशन द्वारा प्रस्तावित 13.71 प्रतिशत वितरण हानि को घटाकर ही आयोग ने 12.91 प्रतिशत निर्धारित भी किया गया है।