हैलट अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को हाईटेक और फिर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
फिर प्रस्ताव के अनुसार यहां 12 नए सुपर स्पेशियलिटी विभाग बनाने की तैयारी है। और इससे लखनऊ के एसजीपीजीआई और केजीएमयू में महीनों में अपनी बारी का इंतजार रोगियों को नहीं करना होगा और फिर शहर में ही इलाज मिल सकेगा।
साथ ही सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर इस प्रोजेक्ट को जल्द स्वीकृति दिलाने की सिफारिश भी की है।
फिर उन्होंने केंद्र सरकार से इसके लिए बजट की मांग भी की है। और प्रस्ताव में बताया गया है कि जीटी रोड स्थित पुराने जीएनएम/एएनएम हॉस्टल को तोड़कर एक आधुनिक आठ मंजिला नया भवन तैयार भी किया जाएगा।
फिर इसमें पीडियाट्रिक कार्डियोसर्जरी (बच्चों के दिल की सर्जरी), ऑन्कोसर्जरी, हेपेटोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, गैस्ट्रो सर्जरी, पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, पीडियाट्रिक गैस्ट्रो मेडिसिन, प्लास्टिक सर्जरी जैसे 12 नए विभाग भी शुरू होंगे।
फिर इसके अलावा मरीजों को पेट स्कैन और गामा नाइफ जैसी उन्नत जांचों के लिए लखनऊ या दिल्ली नहीं भागना पड़ेगा।
और अत्याधुनिक ओटी, नए ओपीडी ब्लॉक और नए बेड शामिल किए जाएंगे। जिससे मरीजों को वेटिंग से मुक्ति मिलेगी।
फिर अभी तक इन विशेषज्ञताओं वाले विभाग सिर्फ एसजीपीआई, आरएमएल और केजीएमयू में हैं। और जहां हर विभाग में 20 से 30 बेड ही हैं। इस कारण मरीजों को महीनों वेटिंग में गुजरना भी पड़ता है।