मध्य प्रदेश में खुल्ला दूध तो छोड़िए अब पैक्ड मिल्क भी पूरी तरह से सुरक्षित भी नहीं है।
और जबलपुर में खाद्य विभाग ने दूध में हो रही मिलावट को जांचने की मुहिम शुरू की है। फिर इस दौरान जबलपुर के दुग्ध उत्पादकों का दूध तो सही पाया गया।
लेकिन जानमाने ब्रांड के पैकेट दूध में कथित तौर पर मिलावट पाई गई। और खाद्य विभाग ने इसके बाद दूध जब्त कर विस्तृत जांच के लिए सैंपल लैब में भेजे हैं।
फिर मध्य प्रदेश का खाद्य विभाग लगातार एक अभियान चला रहा है, जिसके तहत दूध और दूध से बने उत्पादों की जांच भी की जा रही है।
और सामान्य तौर पर यह जांच ऑन द स्पॉट नहीं होती बल्कि इसके लिए खाद्य विभाग सैंपल लेता है। फिर सैंपल भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे जाते हैं।
जहां से कई महीनो बाद रिपोर्ट आती है। लेकिन तब तक ग्राहक मिलावटी सामान का इस्तेमाल कर चुका होता है।
और इसलिए मिलावटी सामग्री की त्वरित जांच के लिए खाद्य विभाग की टीमें खास किट साथ में लाई थी।
फिर जबलपुर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता ने बताया, इस किट को दूध के टेस्ट के लिए बनाया गया है।
यदि दूध में यूरिया, सुक्रोज, स्टार्च, वाशिंग पाउडर या कोई दूसरा हानिकारक पदार्थ मिलाया गया है।
तो इस किट में स्ट्रिप होती हैं जिन्हें दूध में डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया जाता है। तो स्ट्रिप के टिप पर लगा हुआ इंडिकेटर रंग बदल देता है।
और बदले हुए रंग से मिलावट का पता लग जाता है। फिर मिलावट किस स्तर की है इसके पैरामीटर भी किट के ऊपर ही बने एक स्केल में भी दिए हुए हैं।
इतना ही नहीं खाद्य विभाग की टीम ने जबलपुर के कटंगी रोड पर दो अलग-अलग शॉप में डेयर में इसका टेस्ट किया।
और पहले जबलपुर के परियट से आए दूध की टेस्टिंग हुई, जिसमें कोई मिलावट नहीं पाई गई। फिर वहीं, दूसरी डेरी शॉप पर भी स्थानीय खुला दूध बिक रहा था।
इसमें भी कोई मिलावट नहीं थी। लेकिन यहीं पर एक जानीमानी कंपने के ताजा मिल्क के पैकेट खोलकर जब उसका टेस्ट किया गया तो दो अलग-अलग स्ट्रिप का कलर भी बदल गया।
हालांकि, सुक्रोज मानव शरीर के लिए घातक नहीं है लेकिन फिर भी मिलावट परमिटेबल भी नहीं है।
और इसलिए इस बैच से जुड़े हुए दूध के दूसरे सैंपल जब्त किए गए हैं। और इन्हें टेस्ट के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
फिर यह किट बाजार में उपलब्ध है और इसका इस्तेमाल कोई भी सामान्य आदमी कर सकता है।
और दूध में यदि किसी भी किस्म की मिलावट है, तो इस किट के जरिए आसानी से पकड़ी भी जा सकती है।