आंदोलनरत अभ्यर्थी शनिवार सुबह करीब 8 बजे केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर पहुंचे थे।
और फिर उन्होंने मांग उठाई कि सीएम योगी से वार्ता कर आरक्षण विसंगति का समाधान कराया जाए। वे राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराने की मांग पर भी अड़े थे।
दरअसल 10 सितंबर की बैठक में आरक्षण विसंगति के मुद्दे पर चर्चा हुई थी। और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का दावा है कि OBC अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत की छूट का लाभ नहीं मिला।
फिर उन्होंने डिप्टी सीएम के आवास का घेराव कर विज्ञापन में आवश्यक संशोधन कर संशोधित परिणाम जारी करने की मांग भी की।
साथ ही उन्होंने पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के लिए शासन स्तर पर फैसले की भी मांग उठाई।
साथ ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर पहुंचे अभ्यर्थियों को पुलिस ने हटाया और उनको बस में बैठाकर ईको गार्डन धरना स्थल भेज दिया गया।
हालांकि पुलिस पर उनकी गिरफ्तारी का आरोप भी लगा है। ये भी बता दें कि ये प्रदर्शनकारी डिप्टी सीएम से मिलने पर अड़े थे।
फिर इतना ही नहीं राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा जारी आदेश को लागू किया जाए। और हमें नियुक्ति पत्र भी दिया जाना चाहिए। फिर ये हमारी मांगें हैं।
और हम लोग 8 सालों से संघर्ष भी कर रहे हैं। फिर मुख्यमंत्री से लगातार यही मांग की जा रही है।
आरक्षण में हुई विसंगति को लेकर आयोग की ओर से जारी आदेश को माना जाए और हमको अधिकार भी दिया जाए।
फिर वहीं उन्नाव से आए अभ्यर्थी शिवेश सिंह ने कहा, ‘68,500 शिक्षक भर्ती का पूर्ण मामला है। और 5 प्रतिशत की छूट चारों वर्गों की मिलनी भी चाहिए थी।
फिर ओबीसी, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को अनारक्षित क्षेणी में भी रखा गया है। और यह न्याय संगत नहीं है।
और बेसिक शिक्षा मंत्री की ओर से ये भी बताया गया कि मुख्यमंत्री से बात भी की जाएगी।
और उन्हीं के स्तर से निर्णय भी हो पाएगा। और हमारा कहना है कि मुख्यमंत्री हमारी बातों को सुनें और हम लोगों को न्याय भी दिलाएं।