कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अब ये कहा कि मोदी सरकार का यूपीआई लेन-देन पर टैक्स लगाना लोगों के साथ धोखा है।
और फिर उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, कीमतें बढ़ने से डिजिटल और कैशलेस भारत का सपना बिखर जाएगा।
और फिर लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। फिर अमेरिकी कंपनियां मुनाफ़ा कमाएंगी और आम भारतीय भुगतान भी करेंगे। और बीजेपी सरकार ने सरेंडर भी कर दिया है।
फिर उनका कहना है, 14 सितंबर 2026 को ‘डिजिटल सोमरसॉल्ट’ के दिन के रूप में और केंद्र की बीजेपी सरकार की ओर से ही विश्वासघात और आत्मसमर्पण के दिन के रूप में याद भी किया जाएगा।
क्योंकि इसने 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेन-देन पर टैक्स लगाने का रास्ता भी खोल दिया है, जो 15 अक्तूबर 2026 से ही लागू होगा।
फिर उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार यूपीआई को आम आदमी को ही निशाना बनाने वाली ‘टैक्स लगाने और वसूलने वाली मशीन’ में भी बदल रही है।
और नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशंस ऑफ़ इंडिया ने यूपीआई पेमेंट को लेकर एक बड़ी घोषणा भी की है।
और अब 2000 रुपये से ऊपर की पर्सन्स टू मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर 0.4 % की फ़ीस लगेगी। और 75 हज़ार रुपये या उससे अधिक की पेमेंट पर 300 रुपये की फ़ीस लगेगी।