अमेरिका के ख़िलाफ़ हुए युद्ध में ईरान से जुड़े एक समूह ने अमेरिकी नौसेना को निशाना बनाने की कोशिश में अब आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया हैं।
फिर रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि उन्होंने इसके लिए अमेरिका में विकसित एआई का ही इस्तेमाल भी किया।
और फिर यह रिपोर्ट एंथ्रोपिक नाम की कंपनी ने पिछले सप्ताह प्रकाशित भी की थी।फिर एंथ्रोपिक ने समूह की पहचान भी नहीं बताई है, लेकिन इसे ख़तरा पैदा करने वाला संगठन कहा है।
और कंपनी ने ये भी बताया कि समूह ने इंटरनेट से सार्वजनिक जानकारी इकट्ठा करने, अमेरिकी नौसेना की स्थिति का पता लगाने और संभावित लक्ष्यों के बारे में सुझाव देने के लिए ही क्लाउड-आधारित एआई का इस्तेमाल भी किया गया।
और फिर एंथ्रोपिक ने ये भी बताया है कि इस गतिविधि से जुड़े अकाउंट को ब्लॉक भी कर दिया गया है।
और उसने इस ख़तरे को रोकने के लिए अमेरिकी सरकार को इससे संबंधित जानकारी मुहैया भी कराई है।
और विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह की घटना अधिक आम हो सकती हैं, क्योंकि अमेरिका के विरोधी सैन्य अभियानों को बढ़ावा देने के लिए एआई का रुख़ भी कर रहे हैं।
फिर विशेषज्ञों ने ये भी कहा कि एंथ्रोपिक के निष्कर्ष इस बात से मेल खाते हैं कि ईरान अपने रणनीतिक मक़सद के लिए ही तकनीक का इस्तेमाल किस तरह करता रहा है। और फिर जिसमें अमेरिका और इसराइल के साथ उसका संघर्ष भी शामिल है।