यमन के हूती विद्रोहियों की ही बढ़ती गतिविधियों और सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर ही हमलों से हुए पाकिस्तान के लिए तेल आयात करना और मुश्किल हो गया है।
फिर मिली जानकारी के मुताबिक़, फिर इससे पहले होर्मुज़ स्ट्रेट से आवाजाही रुकने के कारण मुश्किलें भी पैदा हुई थीं।
और फिर इस बीच पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने ये भी कहा है। कि तेल की कमी होने की स्थिति में इसकी क़ीमत 1,000 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच भी सकती है।
और फिर लाहौर में रविवार को मीडिया से भी बातचीत के दौरान ही अली परवेज़ मलिक ने कहा, अगर देश में तेल की कमी हुई, तो 1,000 रुपये प्रति लीटर की क़ीमत पर भी तेल मिलना मुश्किल भी हो सकता है।
फिर पेट्रोलियम मंत्री ने ये भी कहा कि तेल की कमी के कारण पाकिस्तान के पड़ोसी देशों में अव्यवस्था की स्थिति देखने को भी मिली है।
और फिर उन्होंने कहा, मेरी प्राथमिक ज़िम्मेदारी लोगों को इस संकट से भी बचाना है। और फिर हम अंत तक इसके लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे।
और अली परवेज़ मलिक ने ये भी कहा, मौजूदा संघर्ष कब ख़त्म होगा, फिर यह स्पष्ट भी नहीं है।
और संघर्ष के कारण ही दुनियाभर में तेल की क़ीमतों में 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरी भी हुई है। जबकि फिर पाकिस्तान में क़ीमतों में क़रीब 50 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है।