पारस अस्पताल के डॉक्टरों ने अब चिकित्सा क्षेत्र में एक और फिर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अत्यंत जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।
और डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने फर्रुखाबाद के रहने वाले किशोर अयान (16) की रीढ़ की हड्डी से करीब 10×10 सेंटीमीटर आकार का विशाल ट्यूमर निकालकर उसे एक नया जीवन दिया है।
फिर ट्यूमर शरीर के भीतरी और अतिसंवेदनशील हिस्से में फैला हुआ था, जिसे न्यूरोसर्जरी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने संयुक्त प्रयास से सुरक्षित ही बाहर निकाल लिया।
और गुरुवार को अस्पताल परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के ही एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. कुश पाठक ने ये बताया कि ट्यूमर का आकार काफी बड़ा था।
और वह बेहद संवेदनशील स्थान पर फैला हुआ था, जिसके चलते यह ऑपरेशन बहुत ही अत्यधिक चुनौतीपूर्ण था।
और मरीज की स्थिति को देखते हुए न्यूरोसर्जरी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने आपसी समन्वय से इस जटिल सर्जरी को सफल भी बनाया।
फिर इसके अलावा न्यूरोसर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. अमित गुप्ता ने ये बताया कि ऐसे जटिल और संवेदनशील मामलों में डॉक्टरी विशेषज्ञता के साथ-साथ आधुनिक मेडिकल तकनीक की बेहद अहम भूमिका भी होती है।
और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही अस्पताल में उपलब्ध अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और ‘द विंची एक्सआई रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम’ की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से जानकारी भी दी गई।