20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयादशमी यानी दशहरा का पावन पर्व पूरे देश में बहुत ही धूमधाम के साथ ही मनाया जाएगा।
और दशहरा यानी विजयादशमी के दिन शस्त्रों की पूजा करने की धार्मिक परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है।
फिर यह पावन पर्व भगवान राम द्वारा लंकापति रावण और माता दुर्गा द्वारा दुष्ट महिषासुर के वध का सबसे बड़ा प्रतीक है।
और शस्त्र हमारी रक्षा, सुरक्षा और अन्याय के नाश का मुख्य माध्यम भी माने जाते हैं। और इस दिन शस्त्र पूजा करने से जीवन में शक्ति और सुरक्षा का भाव भी बना रहता है।
फिर विजयादशमी की तिथि: मंगलवार, अक्टूबर 20, 2026 और मुहूर्त: दोपहर 01:59 बजे से दोपहर 02:45 बजे तक हैं।
साथ ही प्राचीन काल से ही विजयादशमी के दिन अस्त्र-शस्त्रों के पूजन की एक महान परंपरा चली आ रही है।
और पुराने समय में राजा-महाराजा अपने युद्ध के अस्त्र-शस्त्रों की विधि-विधान से ही पूजा करके युद्ध के मैदान में विजय प्राप्त करने और अपने राज्य की रक्षा के लिए ही देवताओं के प्रति अपना आभार भी व्यक्त करते थे।
और फिर शस्त्रों को केवल हथियार नहीं, बल्कि अपनी रक्षा और न्याय का सबसे बड़ा साधन भी माना जाता था।