मंगल भवन की पुरानी समिति को निरस्त करने, और कन्वेंशन सेंटर के रखरखाव, साथ ही संचालन करने को लेकर स्मार्ट सिटी के खाते में आई हुई धनराशि।
और आय में नगर निगम को लेकर 50 प्रतिशत हिस्सा देने, बिना कार्यकारिणी व सदन के बताए ही शहर की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में देने को लेकर महापौर प्रमिला पांडेय व नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के बीच टकराव और भी बढ़ गया है।
फिर बुधवार को कार्यकारिणी की बैठक दोपहर सवा दो बजे से शुरू हुई और 15 मिनट बाद ही ढाई बजे बिना नतीजे पर ही खत्म हो गई।
और महापौर के अधिवक्ताओं को लेकर पहुंचने के बाद ही नगर आयुक्त अफसरों के साथ बैठक छोड़कर भी चले गए।
और पार्षदों ने नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की व परिसर में धरना देकर विरोध भी जताया। फिर 10 मिनट बाद ही धरना खत्म कर दिया।
और फिर लगातार कार्यकारिणी बैठकों में विकास पर बात के स्थान पर हंगामा ही हो रहा है।
और अक्टूबर में पांच, सात, नौ व 28 तारीख को कार्यकारिणी बैठक भी बुलाई गई पर सभी बेनतीजा रही।
और उधर, लोगों का कहना है कि एक ओर आम आदमी जहां जर्जर सड़कों, गड्ढों, ध्वस्त पेयजल, सीवर व ड्रेनेज सिस्टम से जूझ भी रहा है।
और वहीं अफसर-नेता आपसी झगड़े में व्यस्त हैं। साथ ही महापौर ने कहा कि विधिक राय लेने के लिए अधिवक्ताओं को बुलाया था। और नगर आयुक्त को इसे लेकर सुबह ही बता दिया था।