न्यूजलिंक डेस्क। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक हैरान करने वाला मामला आया है। यहां एक चोर ने नौ साल बाद मंदिर से चुराए चांदी के गहने वापस कर दिए हैं। चोर ने गहने वापस करने के साथ ही लिखित माफीनामा भी दिया। इसके अलावा उसने 301 रुपये अलग से रखे। इसमें उसने 201 रुपये दान और 100 रुपये दंड स्वरूप दिए हैं। भुवनेश्वर के बाहरी इलाके गोपीनाथपुर गांव का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में स्थित एक राधा कृष्ण मंदिर से नौ साल पहले एक चोर ने चांदी के गहने चुराए थे। मामला मई 2014 का है, जब भुवनेश्वर के धौली थाने के अंतर्गत गोपीनाथपुर गांव में राधा-कृष्ण मंदिर के चांदी के कई आभूषण चोरी हो गए थे। चोरी हुए आभूषणों में टोपी, कान की बाली, कंगन और एक बांसुरी शामिल है। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने और तलाशी लेने के बावजूद भी ग्रामीणों को न तो चोर के बारे में कोई जानकारी मिल सकी और न ही चोरी हुए जेवरात बरामद हुए।
चमत्कार मान रहे हैं लोग
मंदिर के पुजारी कैलाश पांडा ने कहा कि चोरी गए आभूषणों की बरामदगी किसी चमत्कार से कम नहीं है। हमें उम्मीद नहीं थी कि गहने फिर से इस तरह निकलेंगे। हमने घटना के बाद देवताओं के लिए नए गहने खरीदे थे। यह ईश्वरीय हस्तक्षेप के अलावा और कुछ नहीं है।
चोर ने यह लिखा
“चोर ने अपने माफीनामे में लिखा, “इन नौ सालों में मैंने बहुत सारी समस्याओं का सामना किया है. इसी कारण से मैंने गहने भगवान को लौटाने का फैसला किया है.”
धौली थाने के प्रभारी निरीक्षक चितरंजन राउत ने बताया कि करीब चार लाख रुपये मूल्य के आभूषणों से भरा बैग जिस मंदिर से चोर ने चुराया था। वह मंदिर के बगल में एक घर के बाहर रखा हुआ था। उसने जो माफीनामा रखा उसमें यह भी लिखा कि जब मंदिर में यज्ञ किया जा रहा था तब उसने गहने ले लिए। गहने चोरी करने के बाद उसे एक का सामना करना पड़ा। हालांकि नोट में चोर ने अपना नाम नहीं बताया है।

