कानपुर। महापौर प्रमिला पांडेय ने गुरुवार को जोन- 3 किदवई नगर स्थित जोनल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। महापौर को यहां डंप में ठेकेदारों की निर्माण सामग्री बड़ी मात्रा में पड़ी मिली। इसके साथ ही कार्यालय में बड़ी संख्या में ठेकेदार भी बैठे मिले। इसको देखकर महापौर ने कड़ी फटकार लगाई। सुबह 11 बजे निरीक्षण के दौरान जोनल अधिकारी चंद्रपाल सिंह समेत आधा दर्जन से ज्यादा कर्मचारी कार्यालय में नहीं मिले। महापौर ने नदारद अधिकारी और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा है।
महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि कई जगह से लगातार शिकायत मिल रही थी कि जोन-3 कार्यालय में ठीक ढंग से काम नहीं हो रहा है। जिस पर उन्होंने यहां का आकस्मिक निरीक्षण किया है। महापौर ने जोनल अधिकारी को तलब कर कहा कि जब बड़े अधिकारी ही तय समय पर ऑफिस नहीं पहुंचते हैं तो लोगों की समस्या का समाधान भी कैसे होगा। एक दो लोगों की शिकायत करने पर महापौर ने फिर जोन तीन के कार्यालय में बैठकर सभी फरियादियों की समस्याएं सुनी। महापौर ने कहा कि आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
विकास कार्यों के शिलापट भी मिले
महापौर को निरीक्षण के दौरान जोनल कार्यालय में योजनाओं के 60 से ज्यादा शिलापट रखे मिले। जोनल अधिकारी ने वार्डों में विकास कार्यों के साथ इन्हें लगवाया ही नहीं। नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन के समय के शिलापट रखे-रखे धूल फांक रहे हैं। महापौर ने मुख्य अभियंता से इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया है। निरीक्षण करने के बाद कार्यालय पहुंची महापौर ने चीफ इंजीनियर मनीष अवस्थी को तलब किया। चीफ इंजीनियर से डंप में पड़े ठेकेदारों की निर्माण सामग्री को लेकर जवाब-तलब किया।

