न्यूजलिंक हिंदी। सिक्किम में बादल फटने से आई बाढ़ से तबाही मची हुई है। कुदरत के कहर का असर पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिला है। सिक्किम में अचानक बादल फटने से तीस्ता नदी में बाढ़ आ गई और कई जिले बाढ आ गई और कई जिले बाढ़ के पानी से प्रभावित हो गए। तीस्ता बैराज से तीन शव बरामद किए गए हैं। हालांकि, अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है। जबकि 23 सैन्यकर्मियों के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है। उनकी तलाश की जा रही है। मामले में पाक्योंग के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ताशी चोपेल ने सभी जवानों के मौत की आशंका जताई है। बादल फटने से तीस्ता नदी में बाढ़ आई थी। सिंगतम इलाके में बादल फटा था। राहत बचाव के कार्य जारी हैं।

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नदी से लगे इलाके में ही आर्मी कैंप था, जो बाढ़ की चपेट में आने के बाद बह गया और यहां खड़ी 41 गाड़ियां डूब गईं। आसपास के 4 हजार लोगों को 5 राहत शिविरों में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। बाढ़ की वजह से राज्य को देश से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे NH-10 भी बह गया। इसकी वजह से आवागमन की सुविधा बंद हो गई है।
गुवाहाटी में रक्षा PRO ने सुबह कहा था, ‘सिक्किम के उत्तर में ल्होनक झील पर अचानक बाढ़ आ गई। 23 जवान लापता हैं। चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया। इससे सिंगताम के पास बारदांग में खड़े सेना के वाहन प्रभावित हो गए. सेना के 23 जवानों के लापता होने और 41 गाड़ियों के कीचड़ में डूबे होने की खबर है।’
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बीजेपी नेता उग्येन शेरिंग ग्यात्सो भूटिया ने बताया, “सरकारी तंत्र को लगाकर लोगों की जान बचाई जा रही है जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। किसी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है लेकिन सिंगतम में सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। कुछ लोगों के गुमशुदा होने की सूचना है जिन्हें ढूंढने की कोशिश चल रही है।”

