न्यूजलिंक हिंदी। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप में छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ-साथ आंध्र प्रदेश सरकार भी जांच में जुटी है। आंध्र प्रदेश के भी अलग-अलग शहरों में महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के कॉल सेंटर चलाए जा रहे थे। आंध्र प्रदेश पुलिस की जांच में सामने आया है कि सट्टेबाजी से जुड़ी करीब 60 वेबसाइट दुबई से चलाई जा रही थी। महादेव बेटिंग ऐप के जरिए सट्टेबाजी को लेकर हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। ईडी की अब तक की जांच में छत्तीसगढ़ के लोकल पुलिस, नौकरशाह और नेताओं की सांठगांठ का भी खुलासा हुआ है। इन पुलिसवालों, सरकारी बाबुओं और नेताओं को दुबई से हवाला के जरिए मोटी रकम छत्तीसगढ़ पहुंच रही थी।
दुबई से छत्तीसगढ़ भेजी जाती थी रकम
जांच में सामने आया है कि दुबई से ये रकम पहले रायपुर में एक ज्वेलर को भेजी जाती थी। छत्तीसगढ़ पुलिस में एक एएसआई का साथी, रायपुर के ज्वेलरी शॉप से पैसे लेता था और फिर एपीआई जाकर रिश्वत की रकम दूसरे पुलिस अधिकारियों, सरकारी बाबू और राजनेताओं तक पहुंचाता था। सट्टेबाजी के इस गैंग में रायपुर के एक एडिशनल एसपी की संलिप्तता सामने आई है।
बताया जा रहा है कि एडिशनल एसपी को हर महीने 55 लाख रुपए दिए जा रहे थे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ पुलिस के ड्रग्स और इंटेलिजेंस विंग में तैनात कुछ आईपीएस ऑफिसर को कुल 75 लाख रुपए हर महीने बांटे जाते थे। जैसे कोई मामला सामने आता था उसे दबाने के लिए रिश्वत की रकम बढ़ा दी जाती थी। इसके साथ-साथ छत्तीसगढ़ सीएमओ में ओएसडी पद पर तैनात कुछ बड़े अधिकारियों के भी इस नेक्सस में शामिल होने का खुलासा हुआ है।
10 से ज्यादा ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स की जांच में जुटी ईडी
ईडी के सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी को अब तक की जांच में यह भी पता चला है कि महादेव ऐप का सालाना टर्नओवर तकरीबन 5 हजार करोड़ का था. इसमें इनका मुनाफा तकरीबन 40 फीसदी का था। महादेव ऐप के प्रमोटर ने रेड्डी अन्ना ऐप को भी खरीदा और इसके जैसे कई और बड़े बेटिंग ऐप्स में इन्वेस्ट किया। ईडी अब महादेव ऐप के अलावा तकरीबन 10 से ज्यादा ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स की जांच में जुटी है, जिसमें आरोप के तहत महादेव ऐप के प्रमोटर ने मनी लांड्रिंग की।

