न्यूज़लिंक हिंदी, कानपुर। कानपुर में स्वास्थ्य विभाग का बढ़ा मामला सामने आया है। यहां थैलीसीमिया से पीड़ित 12 बच्चों को संक्रमित ब्लड चढ़ा दिया गया। जिससे बच्चों में HIV, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी का संक्रमण हो गया। हालांकि यह ब्लड कहां चढ़ाया गया इसका पता नहीं चला है।
कानपुर के GSVM अस्पताल में संचालित हो रहे डे केयर सेंटर में सामने आये मामले के अनुसार इन पीड़ित बच्चों में दो बच्चों को HIV दो को हेपेटाइटिस बी और आठ को हेपेटाइटिस सी का संक्रमण हो गया।
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बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष अरुण आर्या ने बताया की हैलेट का थैलीसीमिया विभाग 10 साल से संचालित है। यहाँ जो थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चे भर्ती हैं उन्हें प्रत्येक 3 से 4 सप्ताह में खून को बदलने की जरूरत होती है। इसतरह से साल में 16 से 24 बार खून चढ़ाना पड़ता है. जब भी खून चढ़ाया जाता उसके बाद दर रहता है की कहीं बच्चों को किसी तरह का संक्रमण न हो जाए।
डबल इंजन सरकार ने हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था को डबल बीमार कर दिया है।
यूपी के कानपुर में एक सरकारी अस्पताल में थैलीसीमिया के 14 बच्चों को संक्रमित खून चढ़ा दिया गया, जिससे इन बच्चों को HIV AIDS और हेपेटाइटिस B, C जैसी चिंताजनक बीमारियाँ हो गई हैं।
ये गंभीर लापरवाही शर्मनाक है।…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) October 25, 2023
10 साल का कम्युनिटी डाटा में बच्चे मिले संक्रमित
अरुण आर्या ने बताया कि ये सभी बच्चे एक माह या छह माह में संक्रमित नहीं निकले हैं। यह पूरा 10 साल का कम्युनिटी डाटा है जिसमें दो बच्चों को HIV दो को हेपेटाइटिस बी और आठ को हेपेटाइटिस सी का संक्रमण हो गया।
बाहरी ब्लड बैंक से खून चढ़वाने की आशंका
अरुण आर्या ने बताया कि कई बार बच्चों को खून की जरुरत पड़ने पर परिजन प्राइवेट ब्लड बैंक से भी खून लेते हैं। इसलिए कहा नहीं जा सकता की यह खून कहाँ से लाया गया। अरुण आर्या ने बताया की हमारी ब्लड बैंक पूरे उत्तर प्रदेश में बेस्ट है, जहाँ बिना खून जांचे किसी बच्चे को नहीं चढ़ाया जाता है।
अब इस मामले में शुरू हो गयी राजनीति
कानपुर के इस मामले ने राजनीति का रंग लेना शुरू कर दिया है। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट यानी एक्स क्र लिखा की ”डबल इंजन सरकार ने हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था को डबल बीमार कर दिया है। यूपी के कानपुर में एक सरकारी अस्पताल में थैलीसीमिया के 14 बच्चों को संक्रमित खून चढ़ा दिया गया, जिससे इन बच्चों को HIV AIDS और हेपेटाइटिस B, C जैसी चिंताजनक बीमारियाँ हो गई हैं।”
ये गंभीर लापरवाही शर्मनाक
खरगे ने आगे लिखा कि ”ये गंभीर लापरवाही शर्मनाक है। मासूम बच्चों को भाजपा सरकार के इस अक्षम्य अपराध की सजा भुगतनी पड़ रही है। मोदी जी कल हमें 10 संकल्प लेने की बड़ी-बड़ी बातें सिखा रहे थे, क्या उन्होंने कभी अपनी भाजपा सरकारों की रत्ती भर भी जवाबदेही तय की है?”

