न्यूज़लिंक हिंदी । बुधवार को केंद्र सरकार ने कथित कर चोरी के लिए कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को1 लाख करोड़ का कारण बताओ नोटिस जारी किया। हालांकि, हालांकि, अधिकारी ने कहा कि एक अक्टूबर के बाद से भारत में पंजीकृत की गई विदेशी गेमिंग कंपनियों का कोई डाटा अभी तक उपलब्ध नहीं है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को अब तक जीएसटी अधिकारियों द्वारा करीब एक लाख करोड़ रुपये के नोटिस भेजे गए हैं।’’ ड्रीम11 जैसे कई ऑनलाइन गेमिंग मंच और डेल्टा कॉर्प जैसे कैसीनो संचालकों को करों के कथित पूर्ण भुगतान न करने के लिए कारण बताओ नोटिस मिले हैं।
गेमिंग मंच गेम्सक्राफ्ट को 21,000 करोड़ रुपये की कथित जीएसटी चोरी के लिए पिछले साल सितंबर में कारण बताओ नोटिस भेजा गया था। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया था। हालांकि केंद्र सरकार ने फैसले के खिलाफ जुलाई में उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है।
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पिछले हफ्ते, डे ल्टा कॉर्प को ₹6,384 करोड़ के कम कर भुगतान के लिए जीएसटी नोटिस मिला, जिससे कंपनी पर कुल कर मांग ₹23,000 करोड़ से अधिक हो गई। अलग से, गेम्सक्राफ्ट को पिछले साल सितंबर में ₹21,000 करोड़ की कथित जीएसटी चोरी के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा गया था।
सरकार ने जीएसटी कानून में संशोधन किया है, जिससे एक अक्टूबर से विदेशी ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लिए भारत में पंजीकरण कराना अनिवार्य हो गया। जीएसटी परिषद ने अगस्त में स्पष्ट किया था कि ऑनलाइन गेमिंग मंच पर लगाए गए दांव के पूर्ण मूल्य पर 28 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाया जाएगा।
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सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग और क्रिप्टो कारोबार के लिए नयी स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) व्यवस्था लाए जाने के बाद चालू वित्त वर्ष में अबतक इनसे 700 करोड़ रुपये से अधिक का कर जुटाया है। केद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी थी।

