Kanpur News : मुख्य सचिव बनकर बड़े भाई का यूपी क्रिकेट टीम में कराया चयन, पिता समेत धोखाधड़ी के तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

मैं उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र बोल रहा हूं… मेरा नाती ईशान मिश्र बाएं हाथ का आर्म स्पिनर है…जो बहुत अच्छी गेंदबाजी करता है। पिछले काफी समय से क्रिकेट खेल रहा है… लेकिन इसका चयन नहीं हो पा रहा।

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न्यूज़लिंक हिंदी, कानपुर। बाएं हाथ के आर्म स्पिनर बड़े भाई का यूपी क्रिकेट टीम अंडर 23 में चयन कराने के लिए छोटा भाई मुख्य सचिव बन बैठा। युवक ने खुद को मुख्य सचिव बता कर यूपीसीए के मुख्य चयनकर्ता को वाट्सएप चैट कर बड़े भाई का अंडर 23 की टीम में चयन भी करा लिया। चयन होने के बाद यूपीसीए की ओर से बाएं हाथ के आर्म स्पिनर को चंडीगढ़ बुलाया गया। चंडीगढ़ में शक होने के बाद खिलाड़ी को बैरंग लौटा दिया गया। मामला मुख्य सचिव तक पहुंचा तो पुलिस हरकत में आई। जिसके बाद आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस ने तीनों पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की।

मैं उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र बोल रहा हूं… मेरा नाती ईशान मिश्र बाएं हाथ का आर्म स्पिनर है…जो बहुत अच्छी गेंदबाजी करता है। पिछले काफी समय से क्रिकेट खेल रहा है… लेकिन इसका चयन नहीं हो पा रहा। ईशान का चयन अंडर 23 की टीम में करा दे। यह वाट्सएप चैट बर्रा दो ईडब्ल्यूएस निवासी अंश मिश्रा के मोबाइल से पुलिस को मिली। अंश मिश्रा ने बताया कि उसका बड़ा भाई ईशान मिश्रा बाएं हाथ का आर्म स्पिनर है। काफी समय से ईशान यूपीसीए की टीम में चयन के लिए प्रयास कर रहा था, लेकिन उसका चयन नहीं हो पा रहा था। जिस पर अंश ने बड़े अधिकारी का नाम प्रयोग कर भाई का टीम में चयन कराने की सोची।

प्रोफाइल में लगाई मुख्य सचिव की फोटो..
पूछताछ के दौरान अंश ने पुलिस को बताया कि उसने अपने वाट्सएप प्रोफाइल में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र का फोटो लगा कर यूपीसीए के मुख्य चयनकर्ता प्रवीण गुप्ता को वाट्सएप मैसेज भेजा। जिसमें ईशान को अपना नाती बताते हुए उसका चयन कराने की बात कही। अंश ने बताया कि 10 अक्टूबर कई बार उसकी मुख्य चयनकर्ता से कई बार बात हुई। जिसके बाद यूपीसीए ने ईशान को चंडीगढ़ बुलाया, इसके लिए यूपीसीए ने बकायदा ईशान के लिए टिकट भी भेजा था।

खिलाड़ियों के साथ कमरे में रहा..
गिरफ्तार ईशान ने बताया कि वह चंडीगढ़ पहुंचने के बाद यूपीसीए की ओर से चयनित होटल में कमरे में खिलाड़ियों के साथ 28 अक्टूबर को रूका था। अचानक यूपीसीए की ओर से उसे कानपुर वापस जाने को बोला गया और वह 29 अक्टूबर को कानपुर वापस आ गया।

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मुख्य सचिव तक पहुंचा मामला, हरकत में आई पुलिस..
एसीपी नौबस्ता अभिषेक कुमार पांडेय के मुताबिक मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र को मामले की जानकारी होने के बाद ईशान को चंडीगढ़ से लौटाया गया था। जिसकी शिकायत मुख्य सचिव ने डीजीपी से की थी। डीजीपी ने पुलिस कमिश्नर आरके स्वर्णकार से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। बर्रा पुलिस ने मुख्य सचिव बताने वाले नंबर की जांच की तो वह अंश का निकला। पुलिस ने अंश को गिरफ्तार कर तलाशी ली, जिस पर उसके मोबाइल में मुख्य सचिव की फोटो लगी मिली। अंश की निशानदेही पर पुलिस ने पिता अटल मिश्रा व बड़े भाई ईशान को गिरफ्तार किया। यादव मार्केट चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार की तहरीर पर तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई।

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