न्यूज़लिंक हिंदी। प्रदूषण की वजह से सांस लेने में तकलीफ, गले में खर्राश, फेफड़ों की बीमारियों जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बढ़ते प्रदूषण के कारण हमारी सेहत पर इसका काफी असर पड़ रहा ।जिस वजह से आंखों में भी कई परेशानियां हो सकती हैं। आंखों से पानी आना, लाल होना, सूजन आना या खुजली होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि बढ़ते प्रदूषण के दौरान हम अपनी आंखों का भी खास ख्याल रखें। आइए जानते हैं किस तरह रखे आंखों का ख्याल।
गंदे हाथों से आंखों न छूएं..
हम जिन भी चीजों को छूते हैं, उन पर लगे कीटाणु और धूल-मिट्टी हमारे हाथों पर लगते हैं। हाथों को बिना साफ किए आंखों को छूने से इन्फेक्शन हो सकता है। इसलिए हाथों को साबून से अच्छे से साफ करें और बाहर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
पानी से आंखों को धोएं..
प्रदूषण के कारण आंखों में धूल-मिट्टी जमा हो सकती है। इस वजह से आंखों में जलन या खुजली हो सकती है। इसलिए रोज आंखों को साफ पानी से धोएं ताकि आंखों में इकट्ठी धूल-मिट्टी साफ हो सके।
आंखों को रगड़ना नहीं चाहियें..
आंखों को रगड़ने से आंखों में ड्राईनेस और लाल होने का खतरा रहता है। इसलिए आंखों को रगड़ने से बचें। साथ ही प्रदूषण की वजह से इकट्ठा हुई धूल-मिट्टी से कॉर्निया को नुकसान हो सकता है।
सनग्लासेस का करें इस्तेमाल..
प्रदूषण से बचने के लिए जैसे बाहर निकलते समय मास्क या स्कार्फ का इस्तेमाल करते हैं ताकि आपके फेफड़े सुरक्षित रहें। उसी तरह बाहर निकलते समय अपनी आंखों को प्रदूषण से बचाने के लिए सनग्लासेस का इस्तेमाल करें। यह यूवी किरणों के साथ-साथ धूल-मिट्टी से भी आपकी आंखों की रक्षा करता है। जिससे इन्फेक्शन का खतरा कम हो जाता है।
आई ड्रॉप का करें इस्तेमाल..
प्रदूषण के कारण आंखें ड्राई हो सकती हैं। इसलिए अपने डॉक्टर से सलाह लेकर आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपकी आंखों को नमी देते हैं और ड्राईनेस की समस्या से भी बचाते हैं। साथ ही यह इन्फेक्शन के खतरे को भी कम करते हैं।
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आंखों में कोई भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यदि समय रहते इलाज न कराया जाए, तो परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए आंखों में होने वाली किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें।

