न्यूजलिंक हिंदी, कानपुर। रायपुरवा थाना क्षेत्र के आचार्य नगर से 10वीं के छात्र का अपहरण और उसकी ह्त्या करने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेज दिया है। हत्यारों को जेल के पीछे पहुचाने वाले सिक्योरिटी गार्ड राजेन्द्र को पुलिस ने गुरुवार को सम्मानित किया। पुलिस ने कहा कि कसिक्योरिटी गार्ड की सूझबूझ से ही आरोपी पकड़े गए।
डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार ने बताया कि सोसायटी के गार्ड राजेंद्र की वजह से हत्यारे पकड़ में आ सके। इसलिए उनको सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया की गार्ड ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए स्कूटी का नंबर नोट किया था। जिसके बाद पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार करने में सफल रही है।
सिक्योरिटी गार्ड ने कहा कि अपार्टमेंट में एक बंदा आया हुआ था, वो साढ़े आठ से नौ के बीच में आता है और उसके मुंह में नकाब बंधा हुआ था और हेलमेट लगाए हुए था। हमसे बोला ये लेटर ऊपर मनीष कनोडिया को दे देना तो मैने उससे बोला की ये लेटर आप ही देकर आओ मैं रात में ऊपर नहीं जाता हूं। मैने उससे बोला की हेलमेट और नकाब उतार देना, वो बोला क्यों तो मैने कहा ये उतार देना तभी गेट में एंट्री होगी। तो वो बोला ठीक है उसने हेलमेट उतारा और जीने से ऊपर जाने लगा इतनी देर में वो मेरे शक के घेरे में आ चुका था, मुझे उसकी गाड़ी का नंबर देखना तो मैं उसकी गाड़ी के पास गया तो मैने देखा तो आगे की नंबर प्लेट में कालिख पुती हुई थी तो मैंने पीछे नंबर प्लेट से नंबर देखना चाहा तो उसमे कपड़ा बंधा हुआ था मैने वो कपड़ा हटा कर नंबर देखा, की वो गाडी कोचिंग पढ़ाने आती मैम की लग रही है। फिर भी मुझे विश्वास न होने पर मैंने गाड़ी का नंबर कागज में लिखा। ये हमारी पहल नही जिम्मेदारी थी जो कि हर नागरिक, चौकीदार और व्यक्ति की होनी चाहिए वो करना चाहिए, जिससे प्रशासन की मदद जहां तक हो जाए अच्छी बात है।

