न्यूज़लिंक हिंदी। जब चाय की तलब हो तो कौन क्या करेगा? कुछ कहा नहीं जा सकता। यहां तक कि ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं है जो अपनी बाइक निकालकर कई किलोमीटर दूर पसंदीदा चाय की टपरी पर जाते हैं। लेकिन चाय के लिए ऑपरेशन बीच में ही छोड़ देने वाले एक डॉक्टर का अलग ही कारनामा सामने आया है। ऐसा हुआ है महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर जिले में। समय पर चाय बिस्किट नहीं मिलने पर डॉक्टर बिना ऑपरेशन किये ही चले गए। आरोप लगाया जा रहा है कि यह घटना नागपुर जिला परिषद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई। इससे एनेस्थीसिया लेने वाली चारों महिला मरीज नाराज हो गईं। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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दूसरे डॉक्टर ने किया ऑपरेशन
इन महिलाओं के नाम हैं भारती नितेश कांटोडे (पाहुनी), प्रतिमा प्रमोद बराई (ढोलमारा), करिश्मा श्रीधर राजू (खाट) और सुनीता योगेश झांझोड़े। लेकिन समय पर चाय नहीं मिलने के कारण डा भलावी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से चले गए और वापस नहीं लौटे। सर्जरी के लिए आई चारों महिलाएं देखती रह गईं। इस पर संबंधित महिला के रिश्तेदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठजनों ने दूसरे डॉक्टर की व्यवस्था की।
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चाय न मिलने पर डॉक्टर ने छोड़ा ऑपरेशन
जिले की सीईओ सौम्या शर्मा ने कहा कि शुक्रवार, 3 नवंबर को मौदा तहसील के सरकारी अस्पताल में फैमिली प्लानिंग का ऑपरेशन रखा गया था। ऑपरेशन करने के लिए रामटेक तहसील के RH सरकारी अस्पताल के डॉक्टर तेजरंग भालवी को बुलाया गया था। उन्होंने 4 ऑपरेशन किए और 4 छोड़कर चले गए, ऐसी खबर उनको पंचायत समिति सदस्य ने दी। उन्होंने तुरंत नागपुर जिला परिषद के अरोग्य अधिकारी को फोन कर बाकी के ऑपरेशन के लिए डॉक्टरों को भेजने को कहा।
आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच के आदेश
उनको बताया गया कि डॉक्टर तेजरंग को चाय नहीं मिली इसलिए वो ऑपरेशन छोड़ कर चले गए। उन्होंने इस मामले में तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सौम्या शर्मा ने कहा कि ये बहुत ही गंभीर मामला है, अगर चाय के लिए डॉक्टर ऑपरेशन छोड़कर जा रहे हैं तो ऐसे डॉक्टर के खिलाफ आईपीएस की 304 के तहत कर्रवाई होनी चाहिए।

