देश विरोधी साजिश में हो रहे शामिल गिरोह का सरगना साकिब उर्फ डेविल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए ही पाकिस्तानी हैंडलर्स, विभिन्न कट्टरपंथी ग्रुपों तथा अफगानिस्तान के कई नंबरों से जुड़ा भू था।
फिर यह गिरोह टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों का उपयोग कर देश में अस्थिरता फैलाने की साजिश भी रच रहा था।
और फिर जांच में ये भी सामने आया कि गिरोह को रेलवे सिग्नल बॉक्स को नष्ट करने, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने और राजनीतिक व्यक्तियों की रेकी करने के निर्देश भी दिए जा रहे थे।
फिर इनका उद्देश्य भारत में भय का माहौल पैदा करना और आर्थिक नुकसान पहुंचाना था।
और अभियुक्तों द्वारा कुछ स्थानों पर छोटी आगजनी की घटनाएं भी अंजाम भी दी गई थीं।
और फिर जिनके वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे जाते थे और बदले में क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे भी लिए जाते थे।
और फिर साकिब के साथ अरबाब भी इस नेटवर्क में सक्रिय था। फिर दोनों ने मिलकर विकास गहलावत उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित को अपने साथ जोड़ा, जो पैसों के लालच में रेकी का काम कर रहे थे।
और फिर गिरोह गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ में कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी कर चुका था और उनके वीडियो विदेश में भी भेजे गए थे।
इसके अलावा पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि पाकिस्तानी हैंडलर्स “ओसामा बिन लादेन”, “गजवा-ए-हिंद” जैसे नामों का उपयोग कर आरोपियों को उकसाते भी थे।
और फिर 2 अप्रैल 2026 को लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की साजिश भी रची गई थी।
लेकिन एटीएस ने समय रहते चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर योजना विफल भी कर दी।
और फिर आरोपियों के खिलाफ एटीएस थाने में रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें कोर्ट में भी पेश कर जेल भी भेज दिया गया है।