न्यूज़लिंक हिंदी। साल का पहला मंकीपॉक्स वायरस का मामला अब सामने आया। मिली जानकारी के अनुसार , खैबर पख्तूनख्वा में एक पाकिस्तानी नागरिक में इस घातक वायरस का पता चला था।
यह व्यक्ति हाल ही में सऊदी अरब से आया था। बता दें, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकी पॉक्स को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर चुकी है। मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि उन्होंने प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों के नमूने एकत्र भी किए गए हैं।
इसके बाद, मंत्रालय ने सीमा स्वास्थ्य सेवाओं को सभी प्रवेश बिंदुओं की सख्त निगरानी शुरू करने का आदेश दिया है। खबर सामने आने के बाद, पाकिस्तानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने डीजी हेल्थ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया, जिसमें एमपॉक्स के बारे में सलाह और दिशा-निर्देश जारी किए गए।
प्रांतों को बीमारी का पता लगाने के संबंध में विकास की निगरानी और रिपोर्ट करने के लिए फोकल व्यक्तियों को नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान को मंकीपॉक्स की भयावहता से जूझना पड़ा है। पिछले साल, देश में मंकीपॉक्स के नौ मामले सामने आए थे, ये सभी मामले मध्य पूर्व और अन्य देशों से लौटने वाले यात्रियों में थे।
एक व्यक्ति एचआईवी और एमपॉक्स दोनों से ही प्रभावित था और अंततः इस्लामाबाद में उसकी मृत्यु भी हो गई। लगभग 15 अफ्रीकी देश वर्तमान में इस घातक मामलों से जूझ रहे हैं। जिसमें बुरुंडी, केन्या, रवांडा और युगांडा भी शामिल है। ये चारों देश पहले भी एमपॉक्स से अप्रभावित थे।
स्वीडन ने गुरुवार को यूरोप में एमपॉक्स के अधिक खतरनाक संस्करण के पहले मामले की मुख्य पुष्टि भी की। स्वीडन की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने नोट किया कि व्यक्ति अफ्रीका के उस क्षेत्र में रहने के दौरान वायरस से पूर्ण रूप से संक्रमित हो गया, जो वर्तमान में एमपॉक्स क्लेड 1 के बड़े प्रकोप से जूझ रहा था।

