न्यूज़लिंक हिंदी, आगरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही जामा मस्जिद वाद में पक्षकार बनने की इस वाद में पक्षकार बनने के लिए शमसाबाद के भजन लाल लोधी ने लघु वाद न्यायाधीश मृत्युंजय श्रीवास्तव की अदालत में याचिका दायर की थी। जिसे 26 फरवरी को खारिज कर दिया था। इस पर भजन लाल लोधी ने जिला जज विवेक संगल की अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। हालांकि पुनर्विचार याचिका पर बुधवार को जिला जज विवेक संगल की अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में गुरुवार (14 मार्च) की तिथि सुनवाई को नियत की गई है।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का दावा है कि मुग़ल शासक औरंगजेब ने 1670 में मथुरा कृष्ण जन्मभूमि से भगवान केशवदेव के विग्रह आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबा दिए इसलिए, अदालत पहले जामा मस्जिद की सीढ़ियों से लोगों का आवागमन बंद कराये। इसके साथ ही जमा मस्जिद की सीढ़ियों का एएसआई सर्वे करके वहां से भगवान् श्रीकृष्ण की मूर्तियों को निकाले।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज आगरा में सनातन जागृति सम्मलेन भी इसको लेकर कर चुके हैं। जिसमें उन्होंने सनातनी एकजुट करके बड़े आंदोलन की सनातनियों से अपील की। जिसमें उन्होनें कहा था कि, मैं जब तक जामा मस्जिद से मेरे आराध्य को आगरा से ले जाऊंगा तब तक मेरा संघर्ष जारी रहेगा।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संरक्षित सेवा ट्रस्ट के अधिवक्ता विनोद शुक्ला का कहना है कि. हमने पहले ही कोर्ट से मांग की है कि, जामा मस्जिद का सच सबके सामने लाने के लिए एएसआई सर्वे कराया जाना चाहिए। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट से विवाद खत्म किया जा सकता है। क्योंकि, सर्वे रिपोेर्ट से हकीकत सामने आएगी।
ये भी पढ़ें : IPL 2024: मुंबई से रोहित की कप्तानी हटाने पर डिविलियर्स ने दिया बयान, युवराज ने भी हार्दिक के लिए कही ये बात
