न्यूज़लिंक हिंदी। दिल्ली में वायु गुणवत्ता गुरुवार सुबह ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई, दिवाली से ठीक पहले इसमें थोड़ी सुधार की उम्मीद है क्योंकि मौसम संबंधी स्थितियां थोड़ी अनुकूल होने कीआंशका है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक गुरुवार सुबह आठ बजे 420 था, जबकि बुधवार शाम चार बजे यह 426 था।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तैयार किए गए एक्यूआई मानचित्र में भारत-गंगा के मैदानी इलाकों में फैले लाल बिंदुओं के समूह दिखाया गया है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दो सप्ताह से अधिक समय से राष्ट्रीय राजधानी में व्याप्त वायु प्रदूषण की समस्या पर चर्चा के लिए सभी मंत्रियों के साथ एक बैठक बुलाई।
दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा..
दिल्ली की भूवैज्ञानिक स्थिति ऐसी है कि साल के इस समय में दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहर प्रदूषण से ग्रसित रहते हैं। कृत्रिम वर्षा से उसका इलाज किया जा सकता है। कल आईआईटी कानपुर के एक्सपर्ट्स के साथ हमारी मीटिंग हुई है। अगर सुप्रीम कोर्ट की सहमति मिल जाए तो सरकार इसे बहुत जल्द ही करवाना चाहती है। अगर ये चीज सफल साबित हुई तो दिल्ली ही नहीं पूरे उत्तर भारत में हमारे सामने बड़ी कारगर तकनीक आ जाएगी।
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प्रदूषण के गंभीर हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों में दिसंबर में पड़ने वाला शीतकालीन अवकाश नवंबर में ही घोषित कर दिया है। सभी स्कूलों को 9 से 18 नवंबर तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। साथ ही, दूसरे राज्यों में पंजीकृत एप आधारित टैक्सियों के दिल्ली में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, 13 से 20 नवंबर के बीच घोषित सम-विषम योजना को भी अभी टाल दिया गया है।
कृत्रिम बारिश की तैयारी
गोपाल राय ने कहा, प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कृत्रिम बारिश का सहारा भी लिया जाएगा। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने उनके साथ बैठक में बताया है कि वायुमंडल में बादल या नमी रहने पर ही कृत्रिम बारिश संभव है। विशेषज्ञों का अनुमान है, ऐसी स्थिति 20-21 नवंबर के आसपास बन सकती है। वैज्ञानिकों का प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मौसम विभाग के मुताबिक..
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत एनसीआर के प्रमुख शहरों में अभी हवा जहरीली ही बनी रहेगी। प्रतिकूल हालात से जल्द राहत मिलने वाली नहीं है। पंजाब व पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने पर भी रोक नहीं लग पा रही है।

