भगवान का जब बुलावा आता है तभी दर्शन होते हैं, प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने पर बोले अखिलेश

न जाने कब किसको भगवान का बुलावा आ जाए। यह कहा नहीं जा सकता। मैं अपने घर से भगवान के दर्शन करके ही निकलता हूं। सीढ़ियों से उतरते वक्त भी दर्शन करता हूं।

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न्यूज़लिंक हिंदी। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में निमंत्रण पर अखिलेश यादव का विवादित बयान सामने आया है। न्योता मिलने और मंदिर के उद्घाटन में जाने के सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा, जब भगवान का बुलावा आता है, तभी भगवान के दर्शन होते हैं। न जाने कब किसको भगवान का बुलावा आ जाए। यह कहा नहीं जा सकता। मैं अपने घर से भगवान के दर्शन करके ही निकलता हूं। सीढ़ियों से उतरते वक्त भी दर्शन करता हूं। मुझे कोई बता दे मुझे किस भगवान के दर्शन करने हैं। उनके इस बयान पर सियासत गरमा सकती है।

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स्वामी प्रसाद मौर्य के हिन्दू विरोधी बयानों पर अखिलेश यादव बोले, समाजवादी पार्टी हर धर्म का सम्मान करती है समाजवादी पार्टी हर धर्म जैसा है, वैसा स्वीकार करती है, लेकिन यह सवाल बीजेपी वालों को पूछना चाहिए कि जब उनके दल में थे तब वह ऐसा क्यों नहीं बोलते थे। इससे पहले अखिलेश ब्राह्मण महासम्मेलन में स्वामी प्रसाद को ऐसे बयानों से बचने की सलाह दे चुके हैं, हालांकि उन पर कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आ रहा।

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पुलिस भर्ती में उम्र बढ़ाने के बाद जयंत चौधरी के बयान ‘ये उनका न्यू ईयर गिफ्ट है’ पर अखिलेश ने सवाल किया, जयंत चौधरी को रिटर्न गिफ्ट में क्या मिला। फिर बोले कि सपा ने भी उम्र बढ़ाने की मांग की थी। उम्र को लेकर पूरे प्रदेश के नौजवान आक्रोश में थे। सरकार नौजवानों के आक्रोश से डरती है, इसीलिए उनकी मांग स्वीकार की। उन्होंने तंज कसा कि चुनाव करीब हैं इसलिए नौकरी की बात की है लेकिन रिजल्ट वोट पड़ने के बाद भी नहीं आएगा।

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